
सीहोर।
मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक श्री सुभाष चंद्र ने बुधवार को सीहोर स्थित कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय के विभिन्न विभागों का भ्रमण करते हुए छात्राओं से संवाद स्थापित किया और उन्हें मानव अधिकारों, नागरिक कर्तव्यों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान विशेष प्रतिवेदक ने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ, शिक्षण पद्धति तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है।
इसके बाद उन्होंने विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जहां छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही प्रयोगात्मक शिक्षा की जानकारी ली। उन्होंने विज्ञान शिक्षा को नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए प्रयोगशालाओं के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। साथ ही उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों का अवलोकन कर उनके समुचित उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
विशेष प्रतिवेदक ने विद्यालय के पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री तथा छात्राओं द्वारा उसके उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत होती हैं और प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग कर अपने ज्ञान का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को पाठ्यक्रम के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, साहित्य, विज्ञान और प्रेरणादायक पुस्तकों के अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान संगीत कक्ष एवं कंप्यूटर कक्ष का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने छात्राओं को संगीत, कला और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है तथा इसके माध्यम से भविष्य में रोजगार और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
विद्यालय भ्रमण के दौरान विशेष प्रतिवेदक श्री सुभाष चंद्र ने छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने बालिकाओं से मानव अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, समानता, सुरक्षा तथा सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालिका को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, क्योंकि जागरूक नागरिक ही एक सशक्त और लोकतांत्रिक समाज की नींव होते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करने का आह्वान किया।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए छात्राओं से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि विद्यार्थी आज से ही पर्यावरण संरक्षण की आदत विकसित करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपलब्ध अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया। विद्यालय प्रबंधन से छात्राओं के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने विद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में विशेष प्रतिवेदक ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों का संरक्षण एक विकसित एवं संवेदनशील समाज की पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सीहोर का कन्या शिक्षा परिसर शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारियों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने छात्राओं से जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।









