
नारी सशक्तिकरण, अधोसंरचना विकास और जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को गति देने और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज रायपुर जिले में महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री आज जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ ही “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव-2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में भी सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा, हितग्राहियों से संवाद तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण सरकार की कार्यशैली के प्रमुख आधार हैं तथा इन्हीं मूल्यों के अनुरूप प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ हजारों परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और संगठन शक्ति का उत्सव है। यह मंच स्व-सहायता समूहों को अपने अनुभव साझा करने, नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लेने का अवसर प्रदान करता है। संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन के माध्यम से महिला समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रमों के माध्यम से जिन विकास परियोजनाओं की शुरुआत और लोकार्पण किया जाएगा, उनसे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होती है। बेहतर सड़क नेटवर्क, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थान, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीण क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। शासन की कोशिश है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ महिला स्व-सहायता समूहों के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। सरकार आने वाले समय में भी जनभागीदारी के माध्यम से विकास कार्यों को गति देती रहेगी और छत्तीसगढ़ को समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा आम नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है। इस दौरान विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, हितग्राहियों को लाभ वितरण तथा महिला समूहों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं में जनसहभागिता जितनी अधिक होगी, उनका लाभ उतनी ही प्रभावी ढंग से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेगा।









