
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने शुक्रवार को AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादला एवं पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, विभिन्न क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की सेवाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गोवा, मिजोरम, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव तथा चंडीगढ़ में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसी प्रकार आईपीएस अधिकारियों के भी व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए गए हैं। आईएएस अधिकारियों में वर्ष 2003 बैच के विवेक पांडे को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है, जबकि वर्ष 2004 बैच की गरिमा गुप्ता को मिजोरम से दिल्ली भेजा गया है। संजय गोयल को गोवा से अरुणाचल प्रदेश, पवन कुमार सैन और अमजद ताक को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली, सौगत बिस्वास को अरुणाचल प्रदेश से जम्मू-कश्मीर तथा शाहिद इकबाल चौधरी को जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश स्थानांतरित किया गया है। इसी क्रम में अजय कुमार गुप्ता को दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव से दिल्ली, अरवा गोपी कृष्णा को लद्दाख, एल. कुमार को अंडमान एवं निकोबार से पुडुचेरी तथा केशवन आर. को पुडुचेरी से लक्षद्वीप भेजा गया है। अवनीश कुमार को लक्षद्वीप से दिल्ली, भूपेश चौधरी और शशांका अला को लद्दाख से दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव में पदस्थ किया गया है। ऋषिता गुप्ता को दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश तथा श्वेता नागरकोटी को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा आर. गिरी संकर को लक्षद्वीप से पुडुचेरी, ममता यादव को दिल्ली से जम्मू-कश्मीर, डब्ल्यू. पुंशिबा सिंह को दिल्ली से लक्षद्वीप, इशिता राठी को पुडुचेरी से जम्मू-कश्मीर तथा स्वाति शीमर को जम्मू-कश्मीर से दिल्ली भेजा गया है। आईएएस अधिकारियों के अतिरिक्त कई अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन तबादलों के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय को गति मिलने की उम्मीद है। आईपीएस अधिकारियों की सूची में भी व्यापक फेरबदल देखने को मिला है। वर्ष 1999 बैच के विवेक किशोर को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। सिंधु पिल्लई को अंडमान एवं निकोबार से दिल्ली, नबाम गुंगटे को दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश, चिन्मय बिस्वाल को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली तथा अजय कृष्ण शर्मा को गोवा से दिल्ली भेजा गया है। इसी प्रकार ए. कोनन को अंडमान एवं निकोबार से दिल्ली, वर्षा शर्मा को गोवा से दिल्ली, प्रतिक्षा गोदारा को दिल्ली से अंडमान एवं निकोबार तथा जितेंद्र कुमार मीणा को अंडमान एवं निकोबार से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। अनिल कुमार लाल को पुडुचेरी से दिल्ली तथा राजेश कुमार शर्मा को जम्मू-कश्मीर से चंडीगढ़ भेजा गया है।

इसके अतिरिक्त मनजीत और गीतांजलि खंडेलवाल को चंडीगढ़ से दिल्ली, सत्यवान गौतम को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली, तनुश्री को जम्मू-कश्मीर से दिल्ली, पुखराज कमल एवं लोकेश्वरन आर. को मिजोरम से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। आईपीएस अधिकारियों में दीपिका को जम्मू-कश्मीर से पुडुचेरी, विनीत कुमार को दिल्ली से चंडीगढ़, गौरव सिकारवार को जम्मू-कश्मीर से गोवा, विष्णु कुमार को दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तथा अर्शी आदी को गोवा से जम्मू-कश्मीर भेजा गया है। गौरव त्यागी को मिजोरम से दिल्ली, अंगद मेहता को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली तथा टिकम सिंह वर्मा को गोवा से जम्मू-कश्मीर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा ऋषि कुमार को दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश, के.एम. प्रियंका को चंडीगढ़ से जम्मू-कश्मीर, उत्कर्षा को लक्षद्वीप से दिल्ली, पवन कुमार को दिल्ली से लद्दाख, आर. सुबाश को पुडुचेरी से दिल्ली तथा सिकंदर सिंह को दिल्ली से पुडुचेरी भेजा गया है। राजीव कुमार अंबास्ता, दीपक यादव, आनंद कुमार मिश्रा और सतीश कुमार को दिल्ली से जम्मू-कश्मीर भेजा गया है, जबकि धीरेंद्र प्रताप सिंह और निशांत गुप्ता को मिजोरम तथा श्वेता सिंह चौहान को गोवा स्थानांतरित किया गया है। अमित कौशिक को भी दिल्ली से मिजोरम भेजा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारी अपने नए पदस्थापन स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करेंगे। संबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा प्रशासकों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के व्यापक स्तर पर किए गए स्थानांतरण से विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक अनुभव का बेहतर उपयोग होगा। नई तैनातियां शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। केंद्र सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं, अधिकारियों के अनुभव, सेवा अवधि तथा विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के स्थानांतरण करती रही है। AGMUT कैडर देश के कई संवेदनशील राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में इन अधिकारियों की नई पदस्थापनाओं को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह मंत्रालय के इस निर्णय के बाद संबंधित अधिकारियों में नई जिम्मेदारियों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि नई तैनाती वाले अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशासनिक सुधार, जनसेवा, सुशासन और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।









