
भोपाल। जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के माध्यम से क्षेत्रवासियों, आम नागरिकों एवं भारतीय जनता पार्टी परिवार के सदस्यों से आत्मीय भेंट की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं, सुझावों और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को विस्तारपूर्वक रखा, जिन्हें गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया।
जनता दरबार में नागरिकों ने पेयजल, सड़क, बिजली, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, आवास, कृषि तथा स्थानीय विकास से जुड़े अनेक विषयों पर अपनी समस्याएं और मांगें प्रस्तुत कीं। संबंधित जनप्रतिनिधि ने प्रत्येक प्रकरण को ध्यानपूर्वक सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।
इस अवसर पर कहा गया कि जनता की समस्याओं का समाधान करना जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा दायित्व है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी समस्या का पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसी उद्देश्य से नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है, जिससे आमजन सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत कर सकें।
बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, जबकि अन्य प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर शीघ्र निष्पादन किया जाए।
इस दौरान यह भी कहा गया कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसलिए प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया गया।
जनता दरबार में उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे रखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान होगा। कई लोगों ने स्थानीय विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए, जिन पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में कहा गया कि जनसेवा, सतत संवाद और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन और प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ जनता से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।









