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HQ Report
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘नवजीवन’ अभियान के तहत एक ही दिन में जिले के 509 गांवों, पंचायत भवनों, स्कूलों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति शपथ समारोह आयोजित किए गए। इस महाअभियान में 69,218 ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों ने नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील और डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को “नशे को ना, जिंदगी को हां” का संदेश देते हुए शपथ दिलाई। दोनों अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि सूरजपुर पुलिस द्वारा एक ही दिन में पूरे जिले में इस स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि नशे की लत सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का प्रमुख कारण बनती है। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर इसके खिलाफ अभियान चलाएं तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि शपथ दिलाने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों में आत्म-संकल्प और जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार नशे के आदी लोगों को इस बुरी लत से बाहर निकालने के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि यदि कहीं भी अवैध नशे का कारोबार दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा डायल-112 पर दें।

अभियान के दौरान जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और जीवन की दिशा को बदल देता है। इसलिए समय रहते इससे दूरी बनाना ही सबसे बड़ा बचाव है।
नवजीवन अभियान के अंतर्गत आयोजित शपथ समारोहों में थाना प्रतापपुर ने सर्वाधिक 59 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर पहला स्थान प्राप्त किया। थाना झिलमिली ने 58 स्थानों पर आयोजन कर दूसरा तथा थाना भटगांव ने 48 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर तीसरा स्थान हासिल किया।










