
पथरिया। पथरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरखेरा जयसिंह में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय पहुँकर विद्यार्थियों से आत्मीय भेंट की गई। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों की शिक्षा, अनुशासन, संस्कार एवं प्रतिभा को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की गई। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने, अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। विद्यालय परिसर में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिए जा रहे संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक के निर्माण का आधार भी है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालय भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और संस्कारों का समन्वय देखकर यह विश्वास और मजबूत होता है कि यही विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विद्यालय भ्रमण के उपरांत ग्राम के ग्रामीणजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने स्थानीय जनसुविधाओं, सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं अन्य विकास कार्यों से जुड़े सुझाव साझा किए। सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया गया कि जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। इस दौरान ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों एवं सामाजिकजनों से भी संवाद कर क्षेत्र के सामाजिक और विकासात्मक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीणों से स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया। कहा गया कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही गाँवों का समग्र विकास संभव है।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम निवासी खूबसिंह जी के निवास पर पहुँचकर उनकी माताजी के निधन पर गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त की गईं। शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई तथा परिवारजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की गई। परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसे कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। ग्रामीणजनों ने आत्मीय संवाद एवं क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शिक्षा, संस्कार और जनसेवा के प्रति किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए क्षेत्र के निरंतर विकास की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के उज्ज्वल भविष्य एवं क्षेत्र की समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुआ। जनसेवा, शिक्षा का संवर्धन, सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास के संकल्प को दोहराते हुए कहा गया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।









