
कलेक्टर बालागुरु के. की अपील— प्रतिबंधित पर्यटन स्थलों पर न जाएँ, जीवन की सुरक्षा को दें प्राथमिकता
सीहोर। वर्षाकाल के दौरान प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए सीहोर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों एवं अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी किए गए हैं। इसी क्रम में प्रशासनिक टीम ने अमरगढ़ वॉटरफॉल की ओर जा रहे 20 पर्यटकों को समझाइश देकर सुरक्षित वापस लौटाया, जिससे संभावित दुर्घटना को टाला जा सका। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्षाकाल में तेज बारिश, जलस्तर में अचानक वृद्धि, फिसलन और तेज बहाव के कारण वॉटरफॉल एवं जल पर्यटन स्थल अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना तथा लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देश पर राजस्व, वन, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीमों को मैदानी स्तर पर तैनात किया गया है। इन टीमों को अमरगढ़, दिंगंबर, कालियादेव वॉटरफॉल सहित अन्य संवेदनशील स्थलों के पहुँच मार्गों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश से रोका जा सके और उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की जा सके। प्रशासनिक दल ने अमरगढ़ वॉटरफॉल की ओर जा रहे 20 लोगों को रोककर उन्हें लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी तथा वर्षाकाल में इन क्षेत्रों में मौजूद संभावित खतरों से अवगत कराया। समझाइश के बाद सभी पर्यटक सुरक्षित वापस लौट गए। प्रशासन ने इसे जनजागरूकता और समय पर की गई कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम बताया।
कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और कुछ ही क्षणों में सामान्य स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने बताया कि सीहोर जिले के इन पर्यटन स्थलों पर न केवल स्थानीय लोग, बल्कि भोपाल सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँचते हैं। ऐसे में प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार गश्त करते रहें और किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने दें। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार, बच्चों और मित्रों के साथ किसी भी जोखिमपूर्ण जल पर्यटन स्थल पर जाने से बचें। यदि किसी क्षेत्र में प्रतिबंध लागू है तो उसका सम्मान करें और सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि सावधानी और जागरूकता ही वर्षाकाल में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
कलेक्टर ने दोहराया कि “नागरिकों का जीवन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने सभी लोगों से सुरक्षित व्यवहार अपनाने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और वर्षाकाल के दौरान जोखिमपूर्ण पर्यटन स्थलों से दूरी बनाए रखने की अपील की, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।









