
Written by
HQ Report
पदभार ग्रहण करते ही कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों और साइबर अपराधों की समीक्षा; जनविश्वास आधारित पुलिसिंग पर दिया विशेष जोर
राजनांदगांव, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव के तहत भारतीय पुलिस सेवा (भा.पु.से.) के वरिष्ठ अधिकारी श्री अजय यादव ने सोमवार को राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) का विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक आयोजित कर रेंज के अंतर्गत आने वाले जिलों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा लंबित मामलों के अनुसंधान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुरक्षा, कानून का प्रभावी क्रियान्वयन तथा पुलिस के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
पदभार ग्रहण समारोह पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी श्री वाई.पी. सिंह, पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई श्री लक्ष्य शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक श्री एलेक्जेंडर किरो, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती मंजूलता बाज, डोंगरगढ़ एसडीओपी श्री केसरी नंदन नायक, डीएसपी (मुख्यालय) श्री के.पी. मरकाम, डीएसपी नक्सल श्री एम्ब्रोज कुजूर, सहायक एआईजी श्रीमती गीता वाधवानी, रक्षित निरीक्षक श्री लोकेश कसेर सहित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पदभार ग्रहण करने के उपरांत श्री अजय यादव ने सभी अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक कर रेंज की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान उन्होंने जिलेवार अपराधों की स्थिति, गंभीर प्रकरणों की प्रगति, लंबित अपराधों के अनुसंधान, विशेष अभियानों, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रमुख चर्चा का विषय रही। श्री यादव ने कहा कि नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित अभियान और स्थानीय स्तर पर विश्वास निर्माण की रणनीति को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत हो सके।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर उन्होंने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा ऐसे मामलों के अनुसंधान में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाना आवश्यक है। उन्होंने साइबर अपराधों के त्वरित अनुसंधान, डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक उपयोग तथा आम नागरिकों के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध तथा साइबर ठगी जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को शीघ्र राहत प्रदान करने का प्रयास किया जाए। बैठक के दौरान श्री अजय यादव ने अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियां अपराधों के त्वरित एवं निष्पक्ष खुलासे में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी आधुनिक जांच तकनीकों का अधिकतम उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने फरार एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध शराब, सट्टा, जुआ, मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर और प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में अपराध एवं अवैध गतिविधियों के लिए किसी भी प्रकार की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक ने थाना स्तर की पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना आम नागरिकों के लिए विश्वास का केंद्र होना चाहिए, जहां लोगों की समस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेह सेवा संगठन भी है। इसलिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनता के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करना चाहिए। इससे अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।










