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विधानसभा के मानसून सत्र में सहभागिता, विधानसभा परिसर में वृक्षारोपण और दुर्ग में पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजनबाई की श्रद्धांजलि सभा में होंगे शामिल

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HQ Report

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जनभागीदारी, हरित विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

नवा रायपुर/दुर्ग, 14 जुलाई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार को प्रशासनिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेकर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री का दिन विधानसभा के मानसून सत्र से प्रारंभ होकर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम और लोकसंस्कृति की महान विभूति पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजनबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों से परिपूर्ण रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि “जनहित के संकल्प, प्रकृति के संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं।” उनका यह संदेश राज्य सरकार की उस विकास नीति को दर्शाता है जिसमें सुशासन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को समान महत्व दिया जा रहा है।

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मानसून सत्र में जनहित के मुद्दों पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लेंगे। विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है तथा सरकार अपनी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों का विवरण सदन के समक्ष प्रस्तुत करती है।

इस मानसून सत्र में राज्य की विकास योजनाओं, कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, अधोसंरचना, रोजगार, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति कल्याण सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य सदन में उठने वाले प्रश्नों का उत्तर देंगे तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सरकार का पक्ष प्रस्तुत करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस दौरान विपक्ष भी जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाता है और सरकार अपनी उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं को सदन के समक्ष रखती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा लोकतांत्रिक संवाद और सकारात्मक चर्चा को शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है।

विधानसभा परिसर में होगा वृक्षारोपण कार्यक्रम

विधानसभा की कार्यवाही के साथ मुख्यमंत्री विधानसभा परिसर में आयोजित विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे तथा जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अधिक से अधिक पौधरोपण करने का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कई अवसरों पर कहा है कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उनकी नियमित देखभाल करना है, ताकि वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। वृक्ष न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उनका कहना है कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूर्ण नहीं किया जा सकता।

दुर्ग में पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजनबाई को दी जाएगी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय दिन में दुर्ग पहुंचकर पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजनबाई की श्रद्धांजलि सभा में भी सम्मिलित होंगे। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और कला परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर होगा।

डॉ. तीजनबाई ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा से पंडवानी लोकगायन शैली को देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। उनकी कला ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गौरव दिलाया।

श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री उनके जीवन, संघर्ष, कला साधना और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, कलाकार तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहेंगे।

लोकसंस्कृति छत्तीसगढ़ की पहचान

मुख्यमंत्री ने कई अवसरों पर कहा है कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, लोककला, लोकभाषा और परंपराओं से है। राज्य सरकार कलाकारों के सम्मान, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

प्रदेश में लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने, सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का मानना है कि सांस्कृतिक विकास भी सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

जनहित और सुशासन सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय आम जनता के हित को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, किसानों के कल्याण, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करना है ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके। मुख्यमंत्री लगातार विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकें लेकर योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल दे रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण बने जन आंदोलन

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मुख्यमंत्री द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रमों में लगातार सहभागिता इसी जनजागरूकता अभियान का हिस्सा है।

वन संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छ पर्यावरण को लेकर राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायतों और नगरीय निकायों में भी पौधरोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ की व्यापक सोच

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल आर्थिक विकास से संभव नहीं है। इसके लिए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत का सम्मान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पारदर्शी प्रशासन भी समान रूप से आवश्यक हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और सहभागिता से छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है ताकि प्रत्येक नागरिक को बेहतर जीवन, सुरक्षित पर्यावरण और समृद्ध सांस्कृतिक वातावरण मिल सके।

मंगलवार का मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इस व्यापक सोच का प्रतीक है, जिसमें लोकतांत्रिक व्यवस्था, हरित विकास और सांस्कृतिक गौरव तीनों को समान महत्व दिया गया है। विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा, वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश और पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजनबाई को श्रद्धांजलि देकर सांस्कृतिक विरासत का सम्मान—ये सभी कार्यक्रम विकसित, समृद्ध और संवेदनशील छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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