
ई-पंचायत सोसाइटी की समीक्षा बैठक में ऑनलाइन सेवाओं, पंचायत दर्पण पोर्टल और डिजिटल रिमोट ऑडिट प्रणाली को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश
ग्रामीण प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक आधारित सुशासन को मिलेगी नई मजबूती
भोपाल, 14 जुलाई। मध्यप्रदेश में ग्रामीण प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश राज्य टेक्नोलॉजी ई-पंचायत सोसाइटी की समीक्षा बैठक में विभागीय डिजिटल सेवाओं के समयबद्ध संचालन, पंचायत ऑडिट प्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा ऑनलाइन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को मिलने वाली प्रत्येक ऑनलाइन सेवा निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए तथा ई-गवर्नेंस को जनहित के अनुरूप और अधिक मजबूत बनाया जाए।
भोपाल में आयोजित बैठक में ई-पंचायत परियोजनाओं, नागरिक सेवा पोर्टल, पंचायत दर्पण पोर्टल, पेसा एक्ट मॉड्यूल, डिजिटल रिमोट ऑडिट प्रणाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ तथा संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समयबद्ध सेवाएं बनें प्राथमिकता
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का ऑनलाइन होना नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की प्रत्येक ऑनलाइन सेवा के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए तथा यह जानकारी संबंधित पोर्टल पर भी प्रदर्शित रहे, ताकि नागरिकों को सेवा प्राप्त करने की समयावधि की जानकारी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि नागरिकों से जुड़े प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवेदन प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय में उनका गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
ई-गवर्नेंस से मजबूत होगा ग्रामीण प्रशासन
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। डिजिटल सेवाओं से पारदर्शिता बढ़ती है, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होती हैं और आम नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाए सेवाओं का लाभ मिलता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का नियमित अद्यतन किया जाए तथा तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पंचायत दर्पण पोर्टल को बनाया जाएगा और प्रभावी
बैठक में पंचायत दर्पण पोर्टल के विकास एवं संधारण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने इसे और अधिक उपयोगी एवं नागरिक हितैषी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी सरल एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि आम नागरिक भी विकास कार्यों और पंचायत की गतिविधियों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
इसके साथ ही विभागीय समेकित पोर्टल को भी अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया, जिससे विभिन्न सेवाओं का संचालन एकीकृत रूप से किया जा सके।
पेसा एक्ट मॉड्यूल और भाषिणी सुविधा पर जोर
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए पेसा एक्ट मॉड्यूल की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस मॉड्यूल को शीघ्र पूर्ण कर संबंधित क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
उन्होंने ‘भाषिणी’ तकनीक के माध्यम से हिंदी अनुवाद सुविधा को भी मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि स्थानीय भाषा में सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने में अधिक सुविधा मिलेगी।
सुगम मॉनिटरिंग प्रणाली होगी मजबूत
मंत्री श्री पटेल ने विभाग की सुगम मॉनिटरिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी से कार्यों की वास्तविक प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जा सकेगा और आवश्यक सुधार भी शीघ्र किए जा सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मॉनिटरिंग प्रणाली को डेटा आधारित बनाया जाए, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।
10,554 ग्राम पंचायतों में स्थापित हुए अटल सेवा केंद्र
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य की 10,554 ग्राम पंचायतों में अटल सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शेष ग्राम पंचायतों में भी कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के माध्यम से तेजी से जारी है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीण नागरिकों को अपने गांव में ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
294 सेवाओं का एकीकरण
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा 294 विभिन्न सेवाओं का एकीकरण किया गया है। इससे ग्रामीण नागरिकों को अनेक सरकारी सेवाएं एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं।
इन सेवाओं में भूमि एवं संपत्ति संबंधी जानकारी सहित विभिन्न प्रमाण-पत्र, आवेदन और अन्य प्रशासनिक सेवाएं शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि भविष्य में भी अधिक से अधिक सेवाओं को एकीकृत कर नागरिकों की सुविधा बढ़ाई जाए।
भूमि एवं संपत्ति संबंधी जानकारी होगी ऑनलाइन उपलब्ध
अधिकारियों ने बताया कि नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक अपनी भूमि एवं संपत्ति से संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल हुई है।
मंत्री ने कहा कि ऐसी सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण नागरिक इनका लाभ उठा सकें।
डिजिटल रिमोट ऑडिट सिस्टम लागू करने के निर्देश
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय पंचायतों में डिजिटल रिमोट ऑडिट सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू करना रहा। मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित ऑडिट प्रणाली अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत ऑडिट के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाया जाए, जिससे ऑडिट प्रणाली पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बन सके।
पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर विशेष बल
मंत्री ने कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल ऑडिट प्रणाली लागू होने से योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और वित्तीय अनुशासन को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक का प्रभावी उपयोग है। पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है।
डिजिटल पंचायतें बनेंगी विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला
बैठक के अंत में मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार और पंचायतों के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत तकनीकी रूप से सक्षम बने, प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध ऑनलाइन सेवाएं प्राप्त हों और पंचायतों में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा तकनीकी नवाचारों को अपनाकर ग्रामीण प्रशासन को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी तथा जनहितैषी बनाया जाए।
बैठक में लिए गए निर्णयों को मध्यप्रदेश में डिजिटल सुशासन, पारदर्शी पंचायत व्यवस्था और समयबद्ध नागरिक सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ेगी, पारदर्शिता मजबूत होगी और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सरलता और शीघ्रता से मिल सकेगा।









