
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जलग्रहण विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल
भोपाल, 14 जुलाई। मध्यप्रदेश में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश जलग्रहण विकास मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत संचालित जलग्रहण विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया तथा अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में चल रहे जलग्रहण विकास कार्यों, जल संरक्षण परियोजनाओं, भूजल पुनर्भरण, मिट्टी संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए प्रत्येक परियोजना को गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत स्वीकृत सभी कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों और ग्रामीण समुदाय तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जलग्रहण विकास कार्यों से न केवल सिंचाई क्षमता बढ़ती है, बल्कि भूजल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादन में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलती है।
मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों से कहा कि जलग्रहण क्षेत्रों में वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करते हुए वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण पर ध्यान दिया जाए। खेत तालाब, चेक डैम, कंटूर ट्रेंच, स्टॉप डैम तथा अन्य संरचनाओं का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में जलग्रहण विकास कार्यों की निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि जल संरक्षण से जुड़े कार्य तभी स्थायी रूप से सफल हो सकते हैं, जब स्थानीय समुदाय स्वयं उनकी योजना, क्रियान्वयन और संरक्षण में सहभागी बने।
बैठक में यह भी कहा गया कि जलग्रहण विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। जल संरक्षण की इन पहलों से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जलग्रहण विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को दीर्घकालिक सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिल सके और जल संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित हो।









