
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश
समयबद्ध निर्माण, आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता नियंत्रण से ग्रामीण संपर्क मार्गों को मिलेगा नया आयाम
भोपाल, 14 जुलाई। मध्यप्रदेश में ग्रामीण सड़क अधोसंरचना को अधिक मजबूत, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में ग्रामीण सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता, निर्माण कार्यों की समयबद्धता तथा विशेषज्ञों की नियुक्ति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति पर विशेष बल
मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ने का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए प्रत्येक सड़क परियोजना का निर्माण उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योग्य सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए। विशेषज्ञों की नियुक्ति से परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता परीक्षण को और अधिक वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों हों सुनिश्चित
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि सभी सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता का समय-समय पर स्वतंत्र परीक्षण भी कराया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसी सड़कें तैयार हों जो लंबे समय तक टिकाऊ रहें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दें।
आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर
बैठक में सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीकों और नवीन निर्माण पद्धतियों के उपयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाई जाए तथा रखरखाव की लागत को भी कम करने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को और अधिक सक्षम बनाने तथा निर्माण सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
ग्रामीण विकास में सड़कों की अहम भूमिका
बैठक में कहा गया कि मजबूत सड़क नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देता है। बेहतर संपर्क मार्गों से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है, वहीं विद्यार्थियों और मरीजों को भी आवागमन में लाभ मिलता है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण के साथ सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के अंत में मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति, आधुनिक निर्माण प्रणाली और प्रभावी निगरानी व्यवस्था के माध्यम से मध्यप्रदेश की ग्रामीण सड़क परियोजनाएं नई गुणवत्ता के मानक स्थापित करेंगी तथा प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।









