
जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए
भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, बीपीएल कार्ड, मुआवजा सहित विभिन्न जनसमस्याओं पर हुई सुनवाई
सीहोर, 14 जुलाई। आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को सीहोर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सर्जना यादव ने जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 96 आवेदकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी जनपद पंचायत कार्यालयों में भी समानांतर रूप से जनसुनवाई आयोजित की गई, जिससे अधिक से अधिक नागरिकों को अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल सके।
विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदन हुए प्रस्तुत
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मेढ़ एवं रास्ता विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, आर्थिक सहायता, मुआवजा, गन लाइसेंस तथा अन्य राजस्व एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुख रूप से शामिल रहे।
प्रत्येक आवेदक की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनमें मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की गई, जबकि अन्य प्रकरणों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विभागों को भेजा गया।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और नागरिकों की संतुष्टि के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन और जनता के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा संबंधित विभाग समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनसुनवाई बनी सुशासन का प्रभावी माध्यम
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन सीधे नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाता है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलती है तथा प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होती है।
विशेष रूप से राजस्व, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा अन्य विभागों से जुड़े मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित आवेदनों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।
जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को प्रशासन के समक्ष खुलकर रखें, ताकि उनका शीघ्र और प्रभावी निराकरण किया जा सके।
सीहोर कलेक्ट्रेट में आयोजित यह जनसुनवाई नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने तथा सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।









