
युवाओं के मार्गदर्शन और निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए जताया आभार, अनुशासन और आत्मविश्वास का दिया प्रेरक संदेश
कवर्धा, 14 जुलाई। कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद एकेडमी में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) के स्थानांतरण के उपरांत एक गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं, पुलिस अधिकारियों एवं एकेडमी से जुड़े सदस्यों ने उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन तथा युवाओं के भविष्य निर्माण में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर श्री धर्मेंद्र सिंह का सम्मान किया। छात्रों ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में एकेडमी ने केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मंच ही नहीं दिया, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान की। निःशुल्क प्रशिक्षण की इस पहल से अनेक युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला। अपने प्रेरक संबोधन में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, नियमित अध्ययन करने और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं, लेकिन जो व्यक्ति निरंतर प्रयास करता है और स्वयं पर विश्वास बनाए रखता है, वही अपने लक्ष्य तक पहुंचता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, समय के सदुपयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षकों ने भी श्री धर्मेंद्र सिंह के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद एकेडमी ने अनेक युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया। शिक्षा और मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की उनकी पहल लंबे समय तक प्रेरणा देती रहेगी। समारोह के अंत में कबीरधाम पुलिस परिवार ने श्री धर्मेंद्र सिंह को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर सफलता की कामना की। उपस्थित सभी लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनका अनुभव, नेतृत्व और जनसेवा की भावना भविष्य में भी समाज को प्रेरित करती रहेगी।









