
सभी थाना प्रभारियों एवं संपर्क नंबरों की सूची जारी, नागरिकों से सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील
बाड़मेर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद तथा भाईचारे को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बाड़मेर पुलिस ने जिले के सभी पुलिस थानों के थाना प्रभारियों एवं उनके संपर्क नंबरों की अद्यतन सूची सार्वजनिक की है, ताकि प्रत्येक नागरिक आवश्यकता पड़ने पर सीधे संबंधित थाना प्रभारी से संपर्क कर सके। इस पहल का उद्देश्य केवल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि समाज में पारस्परिक सहयोग, आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना भी है। सीमावर्ती जिले होने के कारण बाड़मेर की भौगोलिक परिस्थितियां विशेष महत्व रखती हैं। यहां शांति, सुरक्षा और भाईचारे की परंपरा लंबे समय से कायम रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के साथ सीधे संवाद की व्यवस्था को मजबूत किया है। नई सूची में जिले के सभी प्रमुख थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारियों के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर शामिल किए गए हैं, जिससे लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या या आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी तक पहुंचने में सुविधा होगी। जारी सूची के अनुसार बाखासर, बाड़मेर ग्रामीण, बायतू, बींजराड़, चौहटन, साइबर पुलिस स्टेशन, धोरीमन्ना, गडरारोड, गिराब, कोतवाली बाड़मेर, नागाणा, रामसर, रीको एरिया, सदर बाड़मेर, सेड़वा, शिव तथा अन्य थाना क्षेत्रों के प्रभारियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। यह व्यवस्था पुलिस सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य केवल पुलिस का नहीं, बल्कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का भी है। जब पुलिस और जनता एक-दूसरे पर विश्वास रखते हुए समन्वय से कार्य करते हैं, तब अपराधों की रोकथाम अधिक प्रभावी ढंग से संभव होती है। इसी सोच के साथ थाना प्रभारियों के संपर्क विवरण सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि आमजन बिना किसी संकोच के अपनी समस्या सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचा सकें। बाड़मेर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटना, आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को दें। समय पर प्राप्त सूचना न केवल अपराधों की रोकथाम में सहायक होती है, बल्कि निर्दोष लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि समाज में भाईचारे और सद्भाव का वातावरण बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। अफवाहों से बचना, सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करना, विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना तथा प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान ही किसी भी जिले की सबसे बड़ी ताकत होती है। बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में विभिन्न समुदायों के लोग वर्षों से आपसी प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना के साथ रहते आए हैं। यह सांस्कृतिक विरासत जिले की सबसे बड़ी पहचान है। पुलिस प्रशासन भी इसी भावना को मजबूत करने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग, जनसंवाद कार्यक्रम, ग्राम सुरक्षा समितियों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ नियमित बैठकों के माध्यम से विश्वास का वातावरण विकसित करने का प्रयास कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी नागरिक को सहायता की आवश्यकता होने पर वह बिना किसी झिझक के अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी से संपर्क कर सकता है। शिकायत दर्ज कराने, गुमशुदगी, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटना, घरेलू विवाद अथवा अन्य किसी भी पुलिस सहायता के लिए संबंधित अधिकारी तत्पर रहेंगे। इससे आमजन और पुलिस के बीच दूरी कम होगी तथा शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। सामाजिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि पुलिस और जनता के बीच संवाद जितना बेहतर होगा, अपराध नियंत्रण उतना ही प्रभावी होगा। जब नागरिक पुलिस पर भरोसा करते हैं और पुलिस नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनती है, तब कानून-व्यवस्था स्वतः मजबूत होती है। इसी कारण थाना प्रभारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक करना जनहित में एक सकारात्मक और उपयोगी पहल माना जा रहा है। बाड़मेर पुलिस ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। समाज में शांति, सुरक्षा और भाईचारा तभी कायम रह सकता है, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए प्रशासन का सहयोग करे।
यह पहल केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास की एक नई कड़ी है। उम्मीद की जा रही है कि इससे आमजन को पुलिस सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी, शिकायतों का शीघ्र निराकरण होगा तथा बाड़मेर जिले में भाईचारे, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। पुलिस प्रशासन ने पुनः भरोसा दिलाया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा समाज के सहयोग से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बाड़मेर के निर्माण के लिए वह निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।