
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आज से लागू हुआ भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (India–UK Free Trade Agreement – FTA) केवल दो देशों के बीच व्यापारिक सहयोग का नया अध्याय नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, वैश्विक विश्वसनीयता और आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की यात्रा को नई गति देने वाला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय उद्योग, कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप्स, नवाचार आधारित उद्यमों तथा निर्यातकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। इसके माध्यम से भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के विशाल बाजार तक अधिक प्रतिस्पर्धी और सुगम पहुंच प्राप्त होगी, जिससे निर्यात में वृद्धि, उत्पादन का विस्तार और रोजगार सृजन को नई ऊर्जा मिलेगी।
भारत के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, समुद्री उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक कृषि उत्पाद, मसाले, चाय, कॉफी, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को भी नई गति प्राप्त होगी।
कृषि क्षेत्र के लिए भी यह समझौता अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले कृषि एवं खाद्य उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार संभव होगा। फल, सब्जियां, मसाले, चावल, चाय, कॉफी तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs), जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, इस समझौते के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल होंगे। वैश्विक बाजार तक आसान पहुंच, निर्यात में वृद्धि, निवेश के नए अवसर और तकनीकी सहयोग के माध्यम से MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी। इससे देशभर में नए उद्योगों की स्थापना, स्थानीय उत्पादन में वृद्धि तथा लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सेवा क्षेत्र, जो भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है, इस समझौते से विशेष रूप से लाभान्वित होगा। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, अनुसंधान, डिज़ाइन, परामर्श तथा अन्य पेशेवर सेवाओं से जुड़े भारतीय विशेषज्ञों को ब्रिटेन में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही भारतीय पेशेवरों के अधिकारों, कार्य अवसरों और व्यावसायिक हितों को भी इस समझौते के माध्यम से मजबूती और सुरक्षा मिलेगी।
यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, नवाचार, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान, कौशल विकास, हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग को नई दिशा देगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और अधिक सशक्त होंगे तथा भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में एक विश्वसनीय और प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में अनेक देशों के साथ आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘पीएम गति शक्ति’, ‘राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति’ और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी पहलों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए और अधिक सक्षम बनाया है। भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता इन्हीं प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा, मजबूत आर्थिक नीतियां और सुधार आधारित शासन व्यवस्था ने विश्व के प्रमुख देशों का विश्वास अर्जित किया है। यह समझौता उसी विश्वास का प्रमाण है और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी।
भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता केवल एक आर्थिक समझौता नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य, वैश्विक नेतृत्व और समृद्ध अर्थव्यवस्था की नई आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक पहल भारतीय उद्योग, किसानों, उद्यमियों, युवाओं और पेशेवरों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ से ‘विकसित भारत’ की यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेगी।









