
भोपाल। जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा, उनके सर्वांगीण विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर तीन दिवसीय दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 13 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों का प्रवास किया जाएगा।
इस संबंध में जारी जानकारी के अनुसार दौरे का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय समाज के हितों की रक्षा करना, उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करना तथा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन करना है। प्रवास के दौरान जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों एवं जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं पर चर्चा की जाएगी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आवास, रोजगार, वनाधिकार, आजीविका संवर्धन तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
प्रवास के दौरान जनजातीय अंचलों में संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण भी प्रस्तावित है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में संचालित योजनाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दौरे के माध्यम से जनजातीय समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को समझने का प्रयास किया जाएगा, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसके साथ ही शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
यह प्रवास जनजातीय समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद, जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण प्रमुख रूप से शामिल रहेगा।
जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, अधिकारों के संरक्षण तथा जनकल्याण के उद्देश्य से आयोजित यह तीन दिवसीय प्रवास शासन की जनहितैषी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









