
2018 बैच के युवा आईपीएस अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण करते ही ली अधिकारियों की बैठक, कानून-व्यवस्था और जनसहभागिता को बताया प्राथमिकता
नक्सल विरोधी अभियानों, उत्कृष्ट पुलिसिंग और मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए FICCI Best Performing Officer Award से हो चुके हैं सम्मानित
बालोद। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) 2018 बैच के अधिकारी श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। जिला पुलिस कार्यालय, बालोद में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में निवर्तमान पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (आईपीएस) ने उन्हें औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा। पदभार ग्रहण के साथ ही जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया तथा सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक आयोजित की। बैठक में सभी अधिकारियों ने अपना परिचय दिया तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र, लंबित मामलों, कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
प्रशासनिक कार्यशैली और अनुशासन पर दिया विशेष जोर
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री चव्हाण ने अधिकारियों से जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की रोकथाम, सामुदायिक पुलिसिंग और जनसुनवाई व्यवस्था से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करना भी है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत हो सके।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर से भारतीय पुलिस सेवा तक का प्रेरणादायी सफर
श्री किरण गंगाराम चव्हाण मूल रूप से महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के निवासी हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2018 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी के रूप में चयन प्राप्त किया।
तकनीकी शिक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण का समन्वय उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान माना जाता है। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के साथ निभाया है।
बिलासपुर से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
आईपीएस बनने के बाद श्री चव्हाण ने अपने करियर की शुरुआत प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में बिलासपुर जिले से की। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, अपराध अनुसंधान, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और सामुदायिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
इसके बाद उन्हें नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी), जगदलपुर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने शहरी पुलिसिंग, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किया।
सुकमा में निभाई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी
किरण गंगाराम चव्हाण के पुलिस करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय नक्सल प्रभावित सुकमा जिला रहा। यहां उन्होंने पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) के रूप में और बाद में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
सुकमा जैसे अत्यंत संवेदनशील जिले में उन्होंने सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित कर नक्सल विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाया। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण अभियान संचालित किए गए, जिनसे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली और पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ा।
जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को दी नई पहचान
सुकमा में अपने कार्यकाल के दौरान श्री चव्हाण ने सामुदायिक पुलिसिंग को विशेष प्राथमिकता दी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित संवाद, जनचौपाल, सामाजिक संगठनों से संपर्क और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने जैसे प्रयास किए। उनका मानना रहा कि जनता का विश्वास किसी भी पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होता है।
उनकी पहल से पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हुआ तथा कई क्षेत्रों में पुलिस के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ।
मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाया प्रभावी अभियान
सुकमा में पदस्थापना के दौरान श्री चव्हाण ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। पुलिस टीमों द्वारा लगातार कार्रवाई कर अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया गया।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए। इन प्रयासों को पुलिस विभाग और विभिन्न संस्थाओं द्वारा सराहा गया।
FICCI Best Performing Officer Award से सम्मानित
उत्कृष्ट पुलिसिंग, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए श्री किरण गंगाराम चव्हाण को वर्ष 2024 में FICCI Best Performing Officer Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारा प्रदान किया गया था।
यह पुरस्कार उनकी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट पुलिसिंग का राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है।
बालोद में बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद
बालोद जिले में उनकी नियुक्ति को पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव, आधुनिक पुलिसिंग की समझ और जनसहभागिता आधारित कार्यशैली के कारण उनसे जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की अपेक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान, सड़क सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग को नई गति मिलेगी।
परिचयात्मक बैठक में रहे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
पदभार ग्रहण और परिचयात्मक बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद श्री बोनिफास एक्का, एसडीओपी गुंडरदेही श्री राजेश बागड़े, एसडीओपी गुरूर श्रीमती माया शर्मा, डीएसपी मुख्यालय श्रीमती श्रुति सिंह, सीएसपी राजहरा श्री विकास पाटले, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं पुलिस कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
जनहित और विश्वास आधारित पुलिसिंग पर रहेगा फोकस
पुलिस विभाग के अधिकारियों का मानना है कि श्री चव्हाण के नेतृत्व में बालोद पुलिस जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करेगी। आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
नए नेतृत्व से नई उम्मीदें
बालोद जिले को एक ऐसे युवा, ऊर्जावान और अनुभवी पुलिस अधीक्षक का नेतृत्व मिला है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी कार्यकुशलता सिद्ध की है। पुलिस विभाग और जिले के नागरिकों को विश्वास है कि श्री किरण गंगाराम चव्हाण अपने अनुभव, अनुशासन, संवेदनशीलता और आधुनिक पुलिसिंग की सोच के साथ जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास की नई मिसाल स्थापित करेंगे।









