Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

रीवा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई मजबूती

Author Image
Written by
HQ Report
नेफ्रोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर आईसीयू वार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश, मरीजों से मिलकर जाना हालचाल
रीवा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक तथा जनसुलभ बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में आज रीवा स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं तथा आवश्यक संसाधनों की विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नेफ्रोलॉजी विभाग में गंभीर मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए शीघ्र आईसीयू वार्ड का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की किसी भी प्रकार की कमी न रहे। साथ ही मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध कराए जाएं, जिससे उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर भर्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके। निरीक्षण के समय यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें मरीज को उपचार के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और उसे सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। इसी दृष्टि से अस्पताल प्रबंधन को संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए गए।
नेफ्रोलॉजी विभाग में आईसीयू की आवश्यकता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान नेफ्रोलॉजी विभाग की कार्यप्रणाली, उपचार व्यवस्था तथा उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन किया गया। बताया गया कि किडनी रोगियों में कई बार ऐसी आपात स्थितियां उत्पन्न होती हैं, जिनमें तत्काल गहन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विभाग में समर्पित आईसीयू वार्ड की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करते हुए आईसीयू वार्ड के निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किया जाए। यह भी कहा गया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता तथा समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि मरीजों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरणों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जीवनरक्षक उपकरण, मॉनिटरिंग सिस्टम, डायलिसिस मशीनें तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी उपकरण के रखरखाव या संचालन में लापरवाही न बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नए उपकरणों की व्यवस्था की जाए। यह भी कहा गया कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तभी प्रभावी होती हैं, जब उपकरण पूरी तरह कार्यशील हों और उनका उपयोग प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों द्वारा किया जाए। इसलिए उपकरणों के नियमित रखरखाव और तकनीकी परीक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध कराने पर बल
अस्पताल में बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए पर्याप्त बेड की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी मरीज को केवल बेड की कमी के कारण उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाए तथा विभिन्न वार्डों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और मरीजों के परिजनों के लिए बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
वार्डों में पहुंचकर मरीजों का जाना हालचाल
निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना गया। मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों के व्यवहार तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान कई मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ आवश्यकताओं एवं सुझावों से भी अवगत कराया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करते हुए कहा गया कि चिकित्सा सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि ओपीडी एवं आईपीडी सेवाओं में अनावश्यक विलंब न हो, जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
रीवा संभाग के लिए महत्वपूर्ण केंद्र
रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल विंध्य क्षेत्र सहित आसपास के अनेक जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की अधोसंरचना का निरंतर विस्तार और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी। नेफ्रोलॉजी विभाग में आईसीयू वार्ड बनने से गंभीर किडनी रोगियों को बेहतर उपचार मिलेगा तथा उन्हें अन्य महानगरों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उन्नत चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।
जनहित सर्वोपरि
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। अधिकारियों से कहा गया कि नियमित निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप अस्पतालों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रीवा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इस निरीक्षण को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आईसीयू वार्ड के शीघ्र निर्माण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, पर्याप्त बेड व्यवस्था तथा मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार के निर्देशों से आने वाले समय में विंध्य क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
लगातार दूसरे दिन लुढ़के सोना-चांदी के दाम: खरीदारों को बड़ी राहत, निवेशकों की बढ़ी चिंता
आज फोकस में

लगातार दूसरे दिन लुढ़के सोना-चांदी के दाम: खरीदारों को बड़ी राहत, निवेशकों की बढ़ी चिंता

आज का पंचांग : गुरु पूर्णिमा आज, आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व
आज फोकस में

आज का पंचांग : गुरु पूर्णिमा आज, आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व

सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
आज फोकस में

सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें
आज फोकस में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव
आज फोकस में

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार
आज फोकस में

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें