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HQ Report
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक ऐसा प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने न केवल उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि बड़े सपने देखने वालों के लिए हर अवसर प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। जिले के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रशांत ठाकुर के स्थानांतरण के बाद उनसे मिलने और विदाई देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी दौरान शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर की कक्षा 12वीं की विज्ञान संकाय की छात्रा असलेखा सिंह भी अपने साथियों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची। मुलाकात के दौरान जब उसने बचपन से पुलिस अधिकारी बनने का अपना सपना साझा किया, तो एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने उसे अपनी कुर्सी पर बैठाकर उसका उत्साह बढ़ाया।
यह भावुक और प्रेरणादायक पल कार्यालय में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया। कुछ क्षणों के लिए एसएसपी की कुर्सी पर बैठी छात्रा की आंखों में अपने भविष्य के सपनों की चमक साफ दिखाई दे रही थी। उसने कहा कि बचपन से वह पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखती आई है और आज उसे उस सपने को कुछ पल के लिए महसूस करने का अवसर मिला है। यह अनुभव उसके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया है।

विदाई कार्यक्रम के दौरान एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने छात्रा से बातचीत करते हुए पूछा कि इस कुर्सी पर बैठकर उसे कैसा महसूस हो रहा है। इस पर असलेखा सिंह ने भावुक होकर कहा कि यह पल उसके लिए अविस्मरणीय है और वह भविष्य में कठिन मेहनत करके भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर समाज की सेवा करना चाहती है। उसने कहा कि वह अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ-साथ ईमानदार और संवेदनशील पुलिस अधिकारी बनकर लोगों की मदद करना चाहती है।
इस अवसर पर एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्र-छात्राएं अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं होती। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाने की अपील की और कहा कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव ही सच्ची सफलता की पहचान है।










