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HQ Report
सूरजपुर। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच लोगों को जागरूक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस द्वारा चलाया गया “साइबर कॉप जन-जागरूकता महाअभियान” एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आया है। जिले के पुलिस अधीक्षक (डीआईजी/एसएसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष अभियान के तहत जिले के 171 विभिन्न स्थानों पर एक ही दिन में 40 हजार से अधिक नागरिकों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शासकीय कर्मचारियों और आम लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। यह अभियान न केवल जिले का बल्कि प्रदेश स्तर पर भी साइबर जागरूकता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
सूरजपुर पुलिस द्वारा 14 जुलाई 2026 को आयोजित इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था। आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सोशल मीडिया, डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को समय रहते जागरूक करना पुलिस की प्राथमिकता बन गई है।

अभियान के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर स्वयं लगातार इसकी मॉनिटरिंग करते रहे। उन्होंने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर पहुंचकर छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करे और अपने परिवार तथा समाज को भी जागरूक बनाए, तो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
शपथ के दौरान सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे, अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम पिन, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करेंगे और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना को सूचना देंगे।
इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध के नए-नए तरीकों से अवगत कराया। लोगों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, नकली बैंक अधिकारी, केवाईसी अपडेट, इनाम जीतने का लालच, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश और फर्जी लोन ऐप के माध्यम से ठगी की जाती है।










