
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक आयोजित हुई। बैठक में आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण, सेवा वितरण तथा प्रदेश की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के विकास से जुड़ी प्रत्येक परियोजना को गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश की विकास गति और तेज हो सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र परिवारों का शीघ्र अंत्योदय राशन कार्ड बनाया जाए तथा उन्हें चरणबद्ध रूप से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना सहित सभी पात्र कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उद्देश्य की प्रभावी निगरानी के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम प्रदेश के विभिन्न जिलों में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें एकीकृत रूप से सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है और इस दिशा में समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में प्रदेश की अनेक महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे, विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 जुलाई तक आवश्यक भूमि उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए तथा संबंधित भूमिस्वामियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कुकरैल नाइट सफारी परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कर परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, लॉजिस्टिक दक्षता और निवेश वातावरण को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने परियोजना से संबंधित सभी स्वीकृतियाँ एवं प्रक्रियाएँ समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अनुरूप शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए सरल, पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रियाएँ विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ टेक्सटाइल पार्क, उन्नाव एक्वा ब्रिज, कानपुर तृतीयक उपचार संयंत्र (Tertiary Treatment Plant) सहित सभी लंबित आधारभूत संरचना परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की प्रगति, डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड के उपयोग, सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्यों, पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना तथा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार तथा औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास को नई दिशा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जनहितकारी एवं विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा हो तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर जनता को उसका लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बुनियादी ढाँचे का विस्तार, निवेश प्रोत्साहन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन की मजबूत व्यवस्था आवश्यक है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास और जनकल्याण को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, योजनाओं की प्रगति की सतत निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ पात्र नागरिकों तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुँचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी, सुशासन और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।









