
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक पारित किए जाने के बाद प्रदेश की विधायी और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर को मध्यप्रदेश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक न्याय, समान अधिकार, सुशासन और संविधान की मूल भावना को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह निर्णय विकसित, समावेशी और न्यायपूर्ण मध्यप्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तभी सार्थक होती है जब प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, समान अवसर और न्याय प्राप्त हो। मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा पारित यह विधेयक इसी संवैधानिक भावना को सुदृढ़ करने वाला निर्णय है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि समाज में समानता, सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को मजबूत करने वाला व्यापक सुधार है। इससे कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनेगी।
संविधान की भावना के अनुरूप निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार प्रदान करता है। समान नागरिक संहिता इसी संवैधानिक दृष्टिकोण को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि समाज में समान अधिकार और समान अवसर सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की मूल आवश्यकता है और मध्यप्रदेश सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे न्याय व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बन सके।
सामाजिक न्याय और समरसता को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को नई शक्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जब सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रावधान लागू होंगे तो समाज में समानता और विश्वास का वातावरण और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सामाजिक समरसता और सर्वसमावेशी विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। सरकार की प्रत्येक नीति का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा समान अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता सामाजिक एकता को मजबूत करेगी तथा नागरिकों में समान अधिकारों के प्रति विश्वास और बढ़ाएगी।
सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। पारदर्शी प्रशासन, प्रभावी कानून व्यवस्था, त्वरित सेवा वितरण, जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन तथा जवाबदेह शासन व्यवस्था सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता विधेयक का पारित होना सुशासन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।
विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आज औद्योगिक विकास, अधोसंरचना निर्माण, निवेश, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और सामाजिक कल्याण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समान नागरिक संहिता का विधेयक इस व्यापक विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा मध्यप्रदेश बनाना है जहां विकास के अवसर सभी नागरिकों तक समान रूप से पहुंचें तथा कानून के समक्ष प्रत्येक व्यक्ति को समान संरक्षण प्राप्त हो।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सदन में विचार-विमर्श के बाद किसी विधेयक का पारित होना लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कर प्रदेश के विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह निर्णय आने वाले समय में प्रदेश की प्रशासनिक एवं विधिक व्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगा।
जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता भी इसी व्यापक जनकल्याणकारी दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा—
“मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता विधेयक का पारित होना एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय प्रदेश में सुशासन, सामाजिक न्याय और समानता को नई मजबूती प्रदान करेगा। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मैं प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और सहभागिता से मध्यप्रदेश विकास, सुशासन, सामाजिक समरसता और न्याय के नए आयाम स्थापित करेगा। सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप प्रत्येक नागरिक के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा से समान नागरिक संहिता विधेयक का पारित होना केवल विधायी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश को अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी, पारदर्शी और विकसित बनाने की दिशा में एक दूरगामी निर्णय है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में सुशासन, सामाजिक समानता और जनकल्याण की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।









