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HQ Report
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं इकाइयों में पदस्थ 123 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) एवं कार्यवाहक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के अंतर्गत की गई है। आदेश के बाद प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को उप निरीक्षक के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया जाएगा। पदभार ग्रहण करने की तिथि से उन्हें उप निरीक्षक के पद का वेतनमान एवं अन्य सेवा लाभ भी नियमानुसार प्राप्त होंगे। इस निर्णय को पुलिस विभाग में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अनुभवी अधिकारियों को नेतृत्व की नई जिम्मेदारी सौंपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिस बल के लिए यह पदोन्नति केवल पद परिवर्तन नहीं बल्कि अनुभव, कार्यकुशलता और सेवा के प्रति समर्पण का सम्मान भी है। वर्षों से थाना, चौकी, पुलिस लाइन तथा विभिन्न शाखाओं में सेवा देने वाले अधिकारी अब उप निरीक्षक के रूप में अधिक जिम्मेदार भूमिका निभाएंगे। इससे थानों के संचालन, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान कार्य तथा जनसंपर्क व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार यह पदोन्नति मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं विधिक परामर्श के अनुरूप की गई है। आदेश में कहा गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाएगा तथा भविष्य में आवश्यकता अनुसार स्थायी पदस्थापना संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।
इस पदोन्नति सूची में प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के अधिकारी शामिल हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, कटनी, दमोह, मंडला, बालाघाट, अलीराजपुर, शिवपुरी, मुरैना, विदिशा, शहडोल, अनूपपुर, सिंगरौली, छतरपुर, नरसिंहपुर, खंडवा, झाबुआ, रतलाम, हरदा, सीहोर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, रेलवे पुलिस, लोकायुक्त संगठन तथा अन्य इकाइयों के अधिकारी शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि पदोन्नति प्रक्रिया पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू की गई है।
आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के अंतर्गत निर्धारित पे-मैट्रिक्स लेवल-9 के अनुसार वेतनमान का लाभ मिलेगा। साथ ही उप निरीक्षक के पद से संबंधित प्रशासनिक एवं अनुसंधान संबंधी अधिकार भी प्राप्त होंगे। इससे पुलिस व्यवस्था में अनुभवी अधिकारियों की भूमिका और अधिक प्रभावी हो सकेगी।










