
विकास, सुशासन, निवेश, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई व्यापक चर्चा
रायपुर, 22 जुलाई।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए बुधवार को मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर-अटल नगर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की गति को और तेज करने के लिए प्रत्येक विभाग को समन्वित कार्यशैली अपनानी होगी तथा जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान प्रदेश की आर्थिक प्रगति, आधारभूत संरचना के विस्तार, कृषि क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, उद्योगों में निवेश, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास तथा शहरी अधोसंरचना सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न विभागों के लंबित प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक नीतिगत निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी विलंब के पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा, निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कृषि क्षेत्र को लेकर विशेष चर्चा हुई। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर मंत्रिपरिषद ने विचार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसानों की समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने अधिकारियों को उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।

शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधनों का विस्तार, शिक्षकों की उपलब्धता तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित समाज की आधारशिला है और सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने शिक्षा विभाग को सीखने के परिणामों में सुधार लाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के संबंध में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए तथा चिकित्सकों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं और सरकार इस दिशा में लगातार निवेश कर रही है।
ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, सिंचाई, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
शहरी विकास के अंतर्गत नगरों में यातायात व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध विकास आवश्यक है ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जा सके।
महिलाओं के सशक्तिकरण एवं युवाओं के विकास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है तथा युवाओं के कौशल विकास से प्रदेश की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे तथा विभाग नियमित रूप से इन योजनाओं की निगरानी करें।
ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक के अधिकतम उपयोग से शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक हितैषी बनाया जा सकता है। उन्होंने विभागों को ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करने, फाइलों के शीघ्र निस्तारण तथा नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए विकास कार्यों को गति दे तथा अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने गुणवत्ता के साथ समयबद्ध कार्यों को पूरा करने पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रही है। शासन का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों एवं अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जनविश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर आवश्यक अनुमोदन प्रदान किए गए तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को नियमित समीक्षा करने, निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाओं को पूरा करने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मंत्रिपरिषद की इस बैठक को प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में लिए गए निर्णयों से कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों को नई गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का मानना है कि समन्वित प्रयासों, पारदर्शी प्रशासन और प्रभावी नीति-निर्माण के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
बैठक में मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवगण एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









