
सुशासन, अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने पर सरकार का जोर
भोपाल।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याण और सुशासन को गति देने वाले अनेक अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को मंजूरी प्रदान की गई। इन निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति देना, प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शहरी अधोसंरचना, उद्योग, रोजगार, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों का परीक्षण करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो।
कैबिनेट ने अधोसंरचना विकास को गति देने, सड़क, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य संस्थानों और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। साथ ही औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर भी सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कृषि उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। सरकार ने किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधनों के विस्तार, चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने, अस्पतालों में सुविधाओं के विकास तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई।

महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा समाज के अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी मंत्रिपरिषद ने विशेष ध्यान दिया। बैठक में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग नियमित रूप से योजनाओं की समीक्षा करे और जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने ई-गवर्नेंस, पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने पर भी विशेष बल दिया।
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का विश्वास है कि इन फैसलों से विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक अनुमोदन प्रदान किए गए तथा विभागों को त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।









