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HQ Report
आलीराजपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती के अवसर पर आलीराजपुर जिले के भाबरा में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में जनजातीय क्षेत्र के विकास, कृषि, सिंचाई, शिक्षा एवं आधारभूत अधोसंरचना को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान ₹357 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि जनजातीय अंचल केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर और प्रेरणा के केंद्र हैं। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाबरा देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल के विकास को सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है।
कार्यक्रम में कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं से जिले के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को विकास का सीधा लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि प्रदेश की महत्वाकांक्षी नर्मदा पाइपलाइन परियोजना, जिसकी लागत लगभग ₹11 हजार करोड़ है, का लोकार्पण इसी वर्ष दीपावली तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से जनजातीय अंचलों सहित अनेक क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई की सुविधाएं मजबूत होंगी, जिससे ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भी उल्लेख किया गया। इस परियोजना से लगभग 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा करीब 70 हजार किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जनजातीय संस्कृति और धार्मिक आस्था के संरक्षण के लिए जिले में रानी काजल माता लोक विकसित करने की घोषणा भी की गई। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय परंपराओं को नई पहचान दिलाना है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया गया कि जिले के चार कन्या विद्यालयों में 800 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। इससे जनजातीय क्षेत्र की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियां भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ लेकर उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।










