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बालोद में आयोजित हुई विद्युत उपभोक्ता जागरूकता बैठक, उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण प्रक्रिया एवं विद्युत नियमों की दी गई विस्तृत जानकारी

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विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम दुर्ग की पहल, एसओपी, विद्युत आचार संहिता और उपभोक्ता अधिकारों पर हुआ विस्तृत मार्गदर्शन
बालोद, 24 जुलाई 2026। विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, शिकायत निवारण की प्रक्रिया तथा विद्युत सेवाओं से संबंधित विभिन्न नियमों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को बालोद जिले के अंतर्गत सहायक अभियंता कार्यालय, उपसंभाग दल्ली राजहरा में “विद्युत उपभोक्ता जागरूकता” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, दुर्ग द्वारा किया गया, जिसमें विद्युत विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय विद्युत उपभोक्ताओं ने सहभागिता की। बैठक का उद्देश्य विद्युत उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण व्यवस्था से परिचित कराना, सेवा संबंधी अधिकारों की जानकारी देना तथा विभाग और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में यह बताया गया कि जागरूक उपभोक्ता न केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में कार्यपालन यंत्री, बालोद संभाग, स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, बड़ी संख्या में घरेलू, व्यावसायिक एवं औद्योगिक उपभोक्ता उपस्थित रहे। बैठक में बीएसपी माइंस के उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर विद्युत सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। बैठक की शुरुआत विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की कार्यप्रणाली की जानकारी से हुई। अधिकारियों ने बताया कि फोरम का गठन विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से किया गया है। यदि किसी उपभोक्ता की समस्या का समाधान विभागीय स्तर पर संतोषजनक रूप से नहीं हो पाता है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत फोरम में प्रस्तुत कर सकता है।

उपभोक्ताओं को विस्तार से बताया गया कि किन-किन प्रकार की शिकायतें फोरम के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती हैं। इनमें विद्युत बिलों से संबंधित विवाद, मीटर की कार्यप्रणाली, गलत रीडिंग, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता, सेवा में अनावश्यक विलंब तथा अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक विषय शामिल हैं। अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और सुनवाई की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस (एसओपी) के विभिन्न प्रावधानों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनियों के लिए विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। नए विद्युत कनेक्शन, मीटर बदलने, विद्युत आपूर्ति बहाल करने, शिकायतों के निराकरण तथा अन्य सेवाओं के लिए समय-सीमाएं निर्धारित हैं। यदि किसी सेवा में अनावश्यक विलंब होता है तो उपभोक्ता निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि एसओपी का उद्देश्य केवल विभागीय जवाबदेही तय करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने कहा कि यदि उपभोक्ता इन मानकों की जानकारी रखेंगे तो वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेंगे। विद्युत आचार संहिता के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बताया कि विद्युत उपयोग के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अवैध विद्युत उपयोग, मीटर से छेड़छाड़, अनधिकृत कनेक्शन तथा अन्य नियमों के उल्लंघन से बचने की अपील की गई। साथ ही सुरक्षित विद्युत उपयोग के उपायों पर भी जानकारी दी गई ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी व्यवहार अपनाने पर बल दिया गया। कहा गया कि विभाग का उद्देश्य केवल विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना भी है। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान उपभोक्ताओं ने भी विभिन्न प्रश्न पूछे तथा अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। विभागीय अधिकारियों ने विद्युत बिल, मीटर परीक्षण, नए कनेक्शन, ट्रांसफार्मर, विद्युत आपूर्ति, शिकायत पंजीकरण तथा सेवा मानकों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी प्रदान की। इससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझने में सहायता मिली। उच्च दाब उपभोक्ता बीएसपी माइंस के अधिकारियों ने भी विद्युत आपूर्ति की निरंतरता, औद्योगिक आवश्यकताओं तथा सेवा गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रखे। स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्युत सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग और नागरिकों के बीच नियमित संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता बैठकों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना भी है। जब उपभोक्ता अपने अधिकारों और दायित्वों से परिचित होंगे, तब विभाग और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा शिकायतों का समाधान भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। बैठक में सुरक्षित विद्युत उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई कि वे घरेलू एवं व्यावसायिक परिसरों में गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपकरणों का उपयोग करें, क्षतिग्रस्त तारों एवं उपकरणों की समय पर मरम्मत कराएं तथा किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में स्वयं हस्तक्षेप करने के बजाय विभाग को तत्काल सूचना दें। विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने यह भी कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाना चाहिए। बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान, शिकायतों का डिजिटल पंजीकरण तथा विभिन्न उपभोक्ता सेवाओं का उपयोग कर समय और संसाधनों की बचत की जा सकती है। इससे सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि उपभोक्ता जागरूकता किसी भी सार्वजनिक सेवा व्यवस्था की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। यदि नागरिकों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्र की जानकारी होगी तो सेवाओं की गुणवत्ता स्वतः बेहतर होगी। इसी उद्देश्य से विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम समय-समय पर विभिन्न जिलों में ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे विद्युत का विवेकपूर्ण उपयोग करें, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दें, सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से विभाग अथवा शिकायत निवारण फोरम से संपर्क करें। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग और उपभोक्ताओं के बीच सतत संवाद एवं सहयोग से विद्युत सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनहितैषी बनाया जा सकेगा। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्युत उपभोक्ताओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्युत सेवाओं को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम को उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने और शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।

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