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HQ Report
ग्वालियर, थाठीपुर। युवाओं को नशे की बुराइयों से दूर रखकर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सनातन धर्म, थाठीपुर में “नशे से दूरी है ज़रूरी” जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, उसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की खुशहाली, सामाजिक व्यवस्था और राष्ट्र के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि सही दिशा में आगे बढ़ेगी तो देश का भविष्य अधिक सुरक्षित और सशक्त होगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपने विचार और अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उनके परिवार या आसपास के कुछ लोग तंबाकू, गुटखा, शराब अथवा अन्य प्रकार के नशे का सेवन करते हैं। इस पर श्री निमराजे ने विस्तार से समझाया कि नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल-कूद, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया तथा बताया कि सही संगति और सकारात्मक सोच ही नशे से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में यूपीईएस (UPES), देहरादून से गोपाल किरन समाजसेवी संस्था में इंटर्नशिप कर रही दिव्याना मिश्रा एवं काव्या त्रिपाठी ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने नशे से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर विद्यार्थियों की समझ का आकलन किया, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा जीवन में सही निर्णय लेने, आत्मविश्वास विकसित करने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। संवादात्मक शैली में आयोजित इस सत्र ने विद्यार्थियों को खुलकर अपनी बात रखने और विषय को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से श्रीमती ममता सिंह राणा (प्राथमिक शिक्षक), श्री उमाकांत शर्मा (प्राथमिक शिक्षक), श्री संजीव कौरव (माध्यमिक शिक्षक) एवं श्रीमती प्रेमवती (रसोइया) सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासित जीवन और स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं।










