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HQ Report
लंबित अपराधों के त्वरित निस्तारण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और डिजिटल पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश
बलौदाबाजार-भाटापारा, 25 जुलाई 2026। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराधों पर नियंत्रण स्थापित करने तथा लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (आईपीएस) ने शनिवार को पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में अपनी पहली विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुई बैठक में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस कार्यालय के विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, न्यायालयीन कार्यवाही, डिजिटल पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था तथा जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय ने कहा कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक थाना एवं चौकी में कार्य संस्कृति को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना भी है।
लंबित अपराधों का समयबद्ध निस्तारण हो

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना एवं चौकीवार लंबित अपराधों, मर्ग प्रकरणों, शिकायतों तथा विवेचना की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण के लंबित रहने से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में देरी होती है, इसलिए प्रत्येक विवेचक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और निर्धारित समय-सीमा में विवेचना पूरी करे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जांच की जाए, साक्ष्यों का समय पर संकलन किया जाए तथा विवेचना की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। विशेष रूप से गंभीर अपराधों को प्राथमिकता देते हुए उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
न्यायालय में समय पर चालान प्रस्तुत करने के निर्देश
बैठक में विवेचना पूर्ण हो चुके प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन मामलों में जांच पूरी हो चुकी है, उनके चालान बिना अनावश्यक विलंब के संबंधित न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत होने से न्यायिक प्रक्रिया तेज होती है और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित चालानों की नियमित समीक्षा करें तथा यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा हो तो उसे तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय ने जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों, आदतन अपराधियों तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी तथा अपराध की रोकथाम के लिए सक्रिय पुलिसिंग पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की सामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों पर निरंतर नजर रखे और किसी भी संभावित विवाद या तनाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। पुलिस की सक्रियता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता
बैठक में आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) सहित पुलिस के सभी डिजिटल पोर्टलों पर शत-प्रतिशत प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली से पुलिस कार्यों में पारदर्शिता, गति और दक्षता बढ़ती है तथा अपराधों की निगरानी अधिक प्रभावी बनती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधों, विवेचना की प्रगति, गिरफ्तारी, न्यायालयीन कार्रवाई तथा अन्य आवश्यक सूचनाओं को समय पर ऑनलाइन अपडेट किया जाए। साथ ही ऑनलाइन प्राप्त शिकायतों का भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जवाबदेही और अनुशासन आवश्यक
श्री गौरव राय ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण रूप से जवाबदेह रहे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुशासन पुलिस विभाग की सबसे बड़ी पहचान है। प्रत्येक अधिकारी को अपने व्यवहार, कार्यशैली और निर्णयों में निष्पक्षता तथा संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए। आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करता है।
जनविश्वास बढ़ाने पर दिया जोर
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत गंभीरता से सुनी जाए और उसका समयबद्ध एवं निष्पक्ष निराकरण किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना आवश्यक है। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देकर नागरिकों की सहभागिता से अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
टीमवर्क से मिलेगी सफलता
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण केवल किसी एक अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरी टीम का सामूहिक दायित्व है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय, सूचना साझा करने और टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अपराध की प्रकृति समय के साथ बदल रही है, इसलिए पुलिस को भी तकनीकी रूप से दक्ष और आधुनिक कार्यप्रणाली अपनानी होगी। नियमित प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और आधुनिक संसाधनों का उपयोग पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाएगा।
समीक्षा और निगरानी होगी लगातार










