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HQ Report
नवनिर्मित औषधालय एवं विधि उद्यान का हुआ लोकार्पण, न्यायालय परिसर में बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं
रीवा। रीवा जिला न्यायालय परिसर में न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ₹87 लाख की लागत से बनने वाले आधुनिक पार्किंग स्थल का भूमिपूजन किया गया। साथ ही परिसर में निर्मित नवीन औषधालय एवं विधि उद्यान का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा सभी नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि न्यायालय परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पार्किंग स्थल के निर्माण से वाहनों के व्यवस्थित संचालन में सुविधा होगी तथा न्यायालय परिसर में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु बन सकेगी।

बताया गया कि न्यायालय परिसर में केवल पार्किंग की ही व्यवस्था नहीं विकसित की जा रही है, बल्कि पेयजल, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है, जिससे न्यायालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। आधुनिक सुविधाओं से युक्त न्यायालय परिसर न्यायिक कार्यों की दक्षता और नागरिकों की सुविधा दोनों को मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान नवनिर्मित औषधालय का लोकार्पण भी किया गया। इस सुविधा से न्यायालय परिसर में कार्यरत न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता तथा यहां आने वाले लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सहजता से उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही विधि उद्यान का शुभारंभ भी किया गया, जो न्यायालय परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इस अवसर पर न्यायालय परिसर में पौधारोपण किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में कहा गया कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी नागरिकों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में न्यायिक अधोसंरचना के विकास को न्याय तक सरल एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं से न्यायालयों की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी तथा अधिवक्ताओं और न्यायालय में आने वाले नागरिकों को भी सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।










