Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर, विभिन्न विषयों की हुई समीक्षा

Author Image
Written by
HQ Report

भोपाल।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पैरामेडिकल शिक्षा एवं सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पैरामेडिकल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पैरामेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता, संस्थागत व्यवस्थाओं और भविष्य की कार्ययोजना सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

Advertisement Box

बैठक में कहा गया कि किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता केवल चिकित्सकों पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। आपातकालीन चिकित्सा, प्रयोगशाला सेवाओं, रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर, नर्सिंग सहयोग, फिजियोथेरेपी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए इस क्षेत्र की शिक्षा, प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली को समयानुकूल और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से पैरामेडिकल काउंसिल की वर्तमान गतिविधियों, पंजीयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण संस्थानों की स्थिति तथा अन्य प्रशासनिक विषयों की जानकारी प्राप्त की गई। निर्देश दिए गए कि परिषद से संबंधित सभी कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपादित किए जाएँ, ताकि विद्यार्थियों और स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।

बैठक में पैरामेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष बल दिया गया। कहा गया कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक व्यावहारिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि आधुनिक उपकरणों के संचालन, आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार का भी प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रदेश में संचालित पैरामेडिकल संस्थानों की नियमित समीक्षा की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी संस्थान निर्धारित मानकों और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन करें। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

बैठक में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। प्रदेश में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप दक्ष पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। इससे सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रणालियों के उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि पंजीयन, अभिलेखों के संधारण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन आवश्यक है। इसलिए पैरामेडिकल कर्मियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण, कार्यशालाएँ और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे वे नवीन तकनीकों और चिकित्सा पद्धतियों से अद्यतन रह सकें।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परिषद से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा विद्यार्थियों, प्रशिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा और पैरामेडिकल शिक्षा को भी समान महत्व दे रही है। आधुनिक अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पैरामेडिकल काउंसिल की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परिषद से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जाएँ। विश्वास व्यक्त किया गया कि सुदृढ़ पैरामेडिकल व्यवस्था, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर संस्थागत प्रबंधन के माध्यम से मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सशक्त होंगी तथा प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

लगातार दूसरे दिन लुढ़के सोना-चांदी के दाम: खरीदारों को बड़ी राहत, निवेशकों की बढ़ी चिंता
आज फोकस में

लगातार दूसरे दिन लुढ़के सोना-चांदी के दाम: खरीदारों को बड़ी राहत, निवेशकों की बढ़ी चिंता

आज का पंचांग : गुरु पूर्णिमा आज, आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व
आज फोकस में

आज का पंचांग : गुरु पूर्णिमा आज, आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व

सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
आज फोकस में

सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें
आज फोकस में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव
आज फोकस में

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार
आज फोकस में

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें