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HQ Report
जबलपुर। प्रदेशभर में युवाओं और समाज को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के उद्देश्य से संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत जबलपुर जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, रामपुर छापर में सोमवार को भव्य नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता विकसित करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा जनजागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए रवाना किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि यही युवा आने वाले भारत के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहेगा तो समाज अधिक स्वस्थ, सुरक्षित और प्रगतिशील बनेगा। इसी उद्देश्य को लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्कूलों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ नशामुक्ति की शपथ ली और जीवनभर किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का वचन दिया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल स्वयं नशामुक्त रहने तक सीमित न रहें, बल्कि “नशामुक्ति मित्र” बनकर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस अभियान से जुड़ेगा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण जनजागरूकता रथ रहा, जिसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जागरूक करेगा। रथ के माध्यम से पोस्टर, संदेश, ऑडियो-वीडियो सामग्री और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए नागरिकों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ और समृद्ध प्रदेश की आधारशिला है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान विद्यालयों, पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में भी लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्ति विषय पर आधारित प्रेरक प्रस्तुतियां भी दीं। गीत, नाटक, भाषण और स्लोगन के माध्यम से उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के जीवन को किस प्रकार बर्बाद करता है और इससे बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों ने सराहा और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनती हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशे की लत केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों को भी जन्म देती है। नशे के कारण अपराध, सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए नशे के विरुद्ध जनआंदोलन खड़ा करना समय की आवश्यकता है। इस दिशा में सरकार, प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, खेल, संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच ही सफलता का वास्तविक आधार है।
इस अवसर पर शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि विद्यार्थी आज नशे से दूर रहने का संकल्प लेते हैं तो भविष्य में वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।










