
राजनंदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस व्यवस्था का लिया हिस्सा, कैसल से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश; बच्चों से पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य को लेकर सहज चर्चा
मोहला-मानपुर। राजनंदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ जिले के विभिन्न इलाकों और शिविरों का दौरा कर पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न स्तरों पर सैन्य संरचनाओं का नेतृत्व किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पुलिस अधिकारियों से सीधे बातचीत की और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, कानून-व्यवस्था और पुलिस से संबंधित विषयों की जानकारी ली। उनके पास थाना एवं कैम्पों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आईजी के दौरे का उद्देश्य केवल पुलिस सुरक्षा और सुरक्षा की छापेमारी जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने मैदानी स्तर पर सहयोगियों के वास्तविक कार्य को समझने का प्रयास किया है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र में अपराध की स्थिति, धार्मिक स्थान, पुलिस निर्देश, नागरिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्थानीय स्तर पर आने वाली वसीयत और मित्रों से भी पूछताछ की। आईजी अजय यादव ने कैसल को पूरी जिम्मेदारी, स्मारक और उपहारों के साथ अपनी निष्ठा का लचीलापन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए ग्राउंड लेवल पर सक्रिय और आम नागरिकों के साथ बेहतर संचार बेहद जरूरी है। थाना और कैंप पुलिस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और यहां पर आतंकवादी कर्मचारियों की सीधे क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। निरीक्षण के दौरान आईजी ने अधिकारियों के सवालों और सवालों को समझने का प्रयास किया और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को नीचे दिए गए निर्देशों की आवश्यकता बताई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा और किसी भी परिस्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया के लिए पुलिस बल को तैयार रहने पर जोर दिया।
आईजी अजय यादव के दौरे का एक महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक पक्ष उस समय सामने आया, जब वे जिले के एक स्कूल और वहां पढ़ने वाले बच्चों से मिले। आम तौर पर पुलिस अधिकारियों के स्कूल दौरे के दौरान अभिनय के तौर पर बच्चों से बातचीत होती है, लेकिन आईजी अजय यादव ने बच्चों के बीच सहज माहौल में बातचीत की। उन्होंने बच्चों से बातचीत और उनकी पढ़ाई, स्कूल की व्यवस्था और उनके सपनों के बारे में जानकारी ली। आईजी को अपने बीच इस तरह सहजता से देखने वाले बच्चों में भी उत्साह और अपना देखने को मिला। वे बच्चों से अपनी कक्षाएँ, पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली वस्तुएँ और भविष्य में वे क्या चाहते हैं, जैसे विषयों पर बातचीत करते हैं। पुलिस अधिकारी के इस सहज व्यवहार ने बच्चों के मन में पुलिस के प्रति सकारात्मक और मित्रवत भाव पैदा करने का संदेश दिया। आईजी ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, निर्देशों का पालन करने और अपने लक्ष्य पर लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य को मजबूत बनाने का माध्यम है। स्कूल में आईजी के बने पहुंचे और बच्चों के साथ जमीन पर बातचीत करने की तस्वीरें और दृश्य क्षेत्र में चर्चा का विषय। पुलिस प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी कम करने की दिशा में इस तरह का संवाद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के बच्चों और स्थानीय समुदायों से सीधे संपर्क पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। बच्चों के साथ सहज संवाद से यह भी संदेश जाता है कि पुलिस केवल अपराध और कानून-व्यवस्था से संबंधित संस्था नहीं है, बल्कि समाज और छात्र नई पीढ़ी के साथ जुड़कर उनके सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए भी काम करती है।
दौरे के दौरान आईजी ने विभिन्न पुलिस थाने और कैंपों की संपत्तियों का दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात पुलिस अधिकारियों और विस्फोटकों से क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मोहला-मानपुर क्षेत्र के भौगोलिक परिदृश्य और समुद्र तट पर पुलिस की निगरानी में कैंप व्यवस्था का विशेष महत्व है। ऐसे में पुलिसवालों को कई बार क्रीआम स्टालों में काम करना पड़ता है। इसलिए शिविरों की सुरक्षा, मोर्टार की व्यवस्था, संचार व्यवस्था, आवश्यक संसाधन और सहयोगी सहयोग पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। आईजी अजय यादव ने मैदानी स्तर पर विभिन्न स्तरों पर बने पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल क्षेत्र के दायरे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्र के वास्तविक दायरे से लगातार अज्ञात रहना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में स्थानीय नागरिकों, आदिवासियों और विभिन्न समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने से पुलिस को क्षेत्र की बेहतर जानकारी मिलती है। इस बुराई को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है। आईजी ने सहयोगियों को जनता के साथ संवाद करने और भाषण देने वालों के साथ संवाद करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की छापेमारी में स्मारकों और किताबों का विशेष महत्व है। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर समय-समय पर प्रतिक्रिया और कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिए गए निर्देश- निर्देशों का उद्देश्य क्षेत्र में पुलिस को अधिक सक्रिय, सक्रिय और जनोन्मुख बनाना है।
आईजी के स्कूल का दौरा पुलिस और समाज के बीच निरीक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बच्चों के बीच आपकी बातचीत पुलिस की मानवीय और भावनात्मक छवि को मजबूत करती है। आज के समय में बच्चों और युवाओं को कानून, सुरक्षा और जिम्मेदारी के बारे में जागरूक करने में भी पुलिस की अहम भूमिका बनी है। स्कूल स्तर पर छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक अपराधी, साइबर अपराधी, नशे से होने वाले नुकसान, बाल अपराध और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसी जानकारी देना समय की आवश्यकता है। आईजी अजय यादव का बच्चों से सीधे संवाद का यह तरीका एक समान व्यापक सोच को शामिल करता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा की शिक्षा और अच्छे संस्कारों के महत्व के बारे में भी प्रेरित किया। बच्चों से बातचीत करते समय उन्होंने अपने प्रश्नों और जिज्ञासाओं का उत्तर दिया। पुलिस अधिकारी का इस प्रकार बच्चों के बीच यादगार अनुभव बनाना। इस संदेश में छात्रों को यह भी मिला कि पुलिस अधिकारी से बातचीत किसी डर का विषय नहीं है, बल्कि अपनी चिंताओं और जिज्ञासाओं को माध्यम से साझा किया जा सकता है। पुलिस और बच्चों के बीच यह विश्वास भविष्य में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी उपयोगी हो सकता है। वैज्ञानिक बच्चे अपने परिवार और समाज में भी सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचा सकते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और अस्पतालों के बीच नियमित संवाद से विभिन्न सामाजिक एवं सुरक्षा विषयों पर जागरूकता शामिल की जा सकती है। आईजी के इस दौरे में पुलिस व्यवस्था के निरीक्षण के साथ-साथ सामाजिक संसाधनों के प्रमुख प्रमुख भी सामने आए।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ जिले में पुलिस प्रशासन के सामने जियोस्कोपी के साथ-साथ जिले तक पुलिस सेवाओं की प्रभावी पहुंच बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहती है। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ग्राउंड विजिट पुलिस व्यवस्था को सक्रिय बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। आईजी अजय यादव ने थाने और कैम्पों में जिस तरह के पुलिस अधिकारियों और जवानों से बातचीत की, उनमें मैदानी पुलिस को लेकर वरिष्ठ स्तर की निगरानी का संदेश दिया गया। इस प्रकार के निरीक्षण से अधिकारियों को भी अपनी संपत्ति की समीक्षा करने का अवसर मिलता है। पुलिस बल की साख बढ़ाने के लिए नियमित निरीक्षण, संवाद और आवश्यक दस्तावेजों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आईजी ने जेलों के गोदामों को बनाए रखा और उन्हें जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार और पुलिसिंग में सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। जिले और कैम्प स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण, संदिग्ध क्षेत्र पर नज़र और नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखना आवश्यक है। पुलिस प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और इसके लिए पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना जरूरी है। आईजी के दौरे से पुलिस अधिकारियों को जमीनी स्तर के मूल्यों को और बेहतर करने का अवसर मिला है। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों और प्रश्नों के आधार पर आगे के ढांचे में सुधार की दिशा में काम किया जा सकता है।
आईजी अजय यादव का यह दौरा सबसे सकारात्मक संदेश है जिसमें कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी केवल रिहायशी इलाकों में व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं, बजाय इसके कि मैदानी इलाकों में नियुक्त कर्मचारी और आम लोग सीधे संवाद कर रहे हैं। थाने और शिविरों के निरीक्षण पुलिस व्यवस्था की दिशा को मजबूत करना महत्वपूर्ण कदम है, वहीं स्कूलों में बच्चों के बीच सामग्री पर बातचीत के लिए पुलिस के उपकरण और उपकरण की छवि को सामने लाना है। एक ओर जहां आईजी ने पुलिस अधिकारियों एवं अपराधियों को सुरक्षा व्यवस्था और भौगोलिक विस्तार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के साथ संवाद कर शिक्षा और सकारात्मक सोच के लिए उन्हें प्रेरित किया। इसमें पुलिस को केवल कानूनी-व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा गया है, समाज के विभिन्न समूहों से जुड़ाव की व्यापक सोच को शामिल किया गया है। बच्चों के बीच समुद्र तट और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करने का संदेश दूर तक जाता है। आने वाले समय में यदि पुलिस अधिकारी नियमित रूप से बस्ती, ग्रामीण क्षेत्रों और समुदायों के बीच प्रवेश संवाद करते हैं, तो इससे अपराध रोकथाम के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। मोहला-मानपुर जिले में आईजी अजय यादव ने इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरा किया, जिसमें पुलिस व्यवस्था की समीक्षा, संवाद से संवाद और बच्चों के साथ आत्मीय मुलाकात-तीनों प्रमुख प्रमुख सामने आए।
रजिस्ट्रार पर बच्चों से बातचीत करते हुए आईजी की तस्वीर में पुलिस के पीछे के रिश्तेदार अनमोल संवेदना को भी सामने रखा गया और संदेश दिया गया कि बेहतर पुलिसिंग का आधार केवल संकेत नहीं है, बल्कि विश्वास, संवाद और अनुशासन भी है।