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पहले दिन ‘धुरंधर’ सहित इन 7 फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है यश की ‘टॉक्सिक’

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एडवांस बुकिंग और जबरदस्त क्रेज के बीच बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड की उम्मीद, अब नजर ओपनिंग डे कलेक्शन पर
मुंबई। कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी के बाद यश की अगली बड़ी फिल्म होने के कारण इसकी घोषणा के समय से ही फिल्म पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। फिल्म के पोस्टर, टीजर, ट्रेलर और गानों ने दर्शकों के बीच चर्चा पैदा की है और अब रिलीज के साथ सबसे बड़ा सवाल बॉक्स ऑफिस को लेकर है। फिल्म के प्रदर्शन से पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग और शुरुआती रुझानों को देखते हुए ट्रेड सर्किल में अनुमान लगाया जा रहा है कि ‘टॉक्सिक’ पहले दिन कई बड़ी फिल्मों के ओपनिंग रिकॉर्ड को चुनौती दे सकती है। खासतौर पर ‘धुरंधर’ समेत हाल के वर्षों में मजबूत शुरुआत करने वाली फिल्मों के आंकड़े चर्चा में हैं। हालांकि किसी फिल्म का वास्तविक रिकॉर्ड रिलीज के बाद टिकट बिक्री, शो की संख्या, टिकट की कीमत, भाषा-वार प्रदर्शन और दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है, इसलिए संभावित रिकॉर्ड को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। फिर भी यश की लोकप्रियता और फिल्म के प्रति बने माहौल ने इसे वर्ष की सबसे चर्चित रिलीज में शामिल कर दिया है। ‘टॉक्सिक’ को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है और फिल्म की कहानी, एक्शन, विजुअल ट्रीटमेंट तथा यश की स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बनी हुई है। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और इसमें यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। ऐसे में फिल्म को लेकर केवल दक्षिण भारतीय दर्शकों में ही नहीं, बल्कि हिंदी बेल्ट और देश के अन्य हिस्सों में भी काफी चर्चा है। यश की पिछली बड़ी रिलीज ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने उन्हें अखिल भारतीय स्टार के रूप में स्थापित किया था। उस फिल्म की सफलता के बाद उनकी अगली फिल्म को लेकर स्वाभाविक रूप से अपेक्षाएं बहुत ऊंची हैं। यही वजह है कि ‘टॉक्सिक’ के पहले दिन का कारोबार केवल एक फिल्म की ओपनिंग नहीं, बल्कि यश के स्टारडम की अगली परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। ट्रेड विश्लेषकों की निगाहें खास तौर पर इस बात पर हैं कि फिल्म कितनी तेजी से टिकट खिड़की पर दर्शकों को आकर्षित करती है और क्या वह मौजूदा बड़े ओपनिंग रिकॉर्ड के आसपास पहुंच पाती है।
‘टॉक्सिक’ की सबसे बड़ी ताकत यश की अखिल भारतीय लोकप्रियता और ‘केजीएफ’ के बाद बना उनका विशाल प्रशंसक वर्ग है। यश ने ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ और ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ के जरिए कन्नड़ सिनेमा से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। ‘केजीएफ’ के रॉकी भाई वाले किरदार ने उन्हें हिंदी भाषी दर्शकों के बीच भी मजबूत पहचान दिलाई। इसके बाद यश की नई फिल्म का इंतजार केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रहा। देश के विभिन्न हिस्सों में उनके प्रशंसक फिल्म की रिलीज को लेकर उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। ‘टॉक्सिक’ की मार्केटिंग रणनीति में भी फिल्म को बड़े अखिल भारतीय प्रोजेक्ट के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों तरह के दर्शकों तक पहुंच बनाने की कोशिश फिल्म के लिए महत्वपूर्ण है। बड़े स्टार की फिल्म के लिए पहले दिन का कलेक्शन कई बातों पर निर्भर करता है। सबसे पहले स्टार की फैन फॉलोइंग, फिर फिल्म की रिलीज का समय, छुट्टी या वीकेंड का प्रभाव, स्क्रीन की संख्या, टिकटों की कीमत और दर्शकों के बीच बने प्रचार का असर अहम होता है। यदि फिल्म को सुबह से ही मजबूत ऑक्यूपेंसी मिलती है और दिनभर शो हाउसफुल की ओर बढ़ते हैं, तो ओपनिंग कलेक्शन में तेजी आती है। ‘टॉक्सिक’ के मामले में यश के प्रशंसकों के बीच मौजूद उत्साह को इसकी बड़ी पूंजी माना जा रहा है। इसके अलावा फिल्म की शैली भी बॉक्स ऑफिस के लिहाज से महत्वपूर्ण है। एक्शन और गैंगस्टर ड्रामा जैसी फिल्मों को बड़े पर्दे पर देखने के लिए दर्शकों में विशेष आकर्षण रहता है। यदि फिल्म का ट्रेलर और प्रचार अभियान दर्शकों की अपेक्षाओं को सही दिशा में ले जाने में सफल रहा है, तो शुरुआती भीड़ मजबूत रह सकती है। हालांकि केवल प्रचार से रिकॉर्ड बनना तय नहीं होता। दर्शकों की पहली प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर फिल्म को मिलने वाली चर्चा भी पहले दिन के बाद के प्रदर्शन को प्रभावित करती है। इसलिए ‘टॉक्सिक’ के मामले में एडवांस बुकिंग के साथ-साथ रिलीज के दिन की वास्तविक स्थिति भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। यदि फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है तो शुरुआती कारोबार के बाद दूसरे और तीसरे दिन भी मजबूत पकड़ बनाए रखने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं मिश्रित या नकारात्मक प्रतिक्रिया की स्थिति में शुरुआती रिकॉर्ड की दौड़ के बावजूद लंबे समय के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
पहले दिन रिकॉर्ड की चर्चा के केंद्र में ‘धुरंधर’ समेत वे फिल्में हैं जिन्होंने अपनी रिलीज पर असाधारण ओपनिंग दर्ज की। भारतीय सिनेमा में पिछले कुछ वर्षों में बॉक्स ऑफिस का स्वरूप तेजी से बदला है। अब किसी फिल्म की कमाई केवल एक भाषा या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहती। दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी संस्करण और हिंदी फिल्मों के दक्षिण भारतीय बाजार में प्रदर्शन ने अखिल भारतीय बॉक्स ऑफिस की अवधारणा को मजबूत किया है। इसी बदलाव का सबसे बड़ा लाभ बड़े सितारों और बड़े बजट की फिल्मों को मिलता है। ‘टॉक्सिक’ भी इसी अखिल भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर बनाई गई फिल्म है। यश की लोकप्रियता कर्नाटक के बाहर लगातार बढ़ी है और ‘केजीएफ’ के बाद उनके प्रशंसकों की संख्या में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। ऐसे में पहले दिन रिकॉर्ड की संभावनाओं को लेकर चर्चा स्वाभाविक है। हालांकि अलग-अलग फिल्मों की रिलीज परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड की तुलना करते समय टिकट की कीमत, स्क्रीन संख्या, रिलीज डेट और भाषा-वार कमाई को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। किसी फिल्म का रिकॉर्ड केवल कुल रकम से नहीं, बल्कि उसके रिलीज समय और बाजार परिस्थितियों से भी प्रभावित होता है। उदाहरण के लिए यदि किसी फिल्म को राष्ट्रीय अवकाश या त्योहार का लाभ मिलता है, तो उसकी शुरुआती कमाई स्वाभाविक रूप से सामान्य कार्यदिवस की तुलना में अधिक हो सकती है। इसी तरह किसी फिल्म को अधिक स्क्रीन मिलने पर उसका कलेक्शन बढ़ सकता है। ‘टॉक्सिक’ के मामले में ट्रेड की दिलचस्पी इसलिए भी अधिक है क्योंकि यश की पिछली फिल्म की लोकप्रियता ने उनके नाम को बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत ब्रांड बना दिया है। फिल्म के प्रचार में भी बड़े पैमाने पर एक्शन, रहस्य और स्टाइल का इस्तेमाल किया गया है, जिससे युवा दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। यदि यह उत्साह टिकट खिड़की पर वास्तविक दर्शक संख्या में बदलता है, तो फिल्म पहले दिन बड़ी शुरुआत कर सकती है। यही कारण है कि ट्रेड पंडित संभावित ओपनिंग को लेकर अलग-अलग अनुमान लगा रहे हैं। मगर अंतिम आंकड़े सामने आने से पहले किसी भी संभावित रिकॉर्ड को निश्चित मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक रिकॉर्ड फिल्म के रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट होगा और भाषा-वार तथा देश-विदेश के कलेक्शन को अलग-अलग देखकर उसकी तुलना अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी।
फिल्म के स्टार कास्ट और तकनीकी भव्यता ने भी ‘टॉक्सिक’ के प्रति उत्सुकता बढ़ाई है। यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत की मौजूदगी फिल्म को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। अलग-अलग भाषाई बाजारों में पहचाने जाने वाले कलाकार किसी फिल्म की अपील को बढ़ा सकते हैं। फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी गीतू मोहनदास के पास है, जिनकी फिल्मों में अलग तरह की कहानी कहने की शैली देखने को मिली है। ‘टॉक्सिक’ को बड़े पैमाने पर तैयार करने के कारण तकनीकी टीम पर भी काफी जिम्मेदारी है। सिनेमैटोग्राफी, एक्शन कोरियोग्राफी, प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत और विजुअल इफेक्ट्स जैसे पक्ष बड़े पर्दे पर फिल्म के अनुभव को प्रभावित करेंगे। दर्शकों के लिए आज केवल स्टार को देखना पर्याप्त नहीं है। सोशल मीडिया और ओटीटी के दौर में दर्शकों के पास मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए थिएटर में उन्हें आकर्षित करने के लिए फिल्म में बड़े पर्दे का अनुभव होना जरूरी है। ‘टॉक्सिक’ के निर्माताओं ने इसी पहलू पर विशेष ध्यान दिया है। फिल्म के प्रचार से संकेत मिला है कि इसमें एक्शन और विजुअल ट्रीटमेंट को काफी महत्व दिया गया है। यदि ये तत्व दर्शकों की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं तो फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर कहानी और स्क्रीनप्ले की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बड़े बजट और बड़े स्टार के बावजूद यदि दर्शकों को कहानी कमजोर लगती है तो फिल्म की कमाई शुरुआती सप्ताह के बाद प्रभावित हो सकती है। इसके विपरीत यदि दर्शक फिल्म को मनोरंजक और प्रभावशाली मानते हैं तो पहले दिन की चर्चा आगे के दिनों में सकारात्मक प्रचार में बदल सकती है। यश के प्रशंसकों के लिए फिल्म का आकर्षण पहले से ही मजबूत है, लेकिन आम दर्शक और परिवार वर्ग किस तरह प्रतिक्रिया देता है, यह फिल्म के वास्तविक बॉक्स ऑफिस सफर को निर्धारित करेगा। यदि फिल्म एक्शन के साथ मजबूत कहानी और भावनात्मक जुड़ाव देने में सफल होती है, तो इसकी कमाई लंबी अवधि तक जारी रह सकती है। इसीलिए ‘टॉक्सिक’ की असली चुनौती केवल रिकॉर्ड ओपनिंग हासिल करना नहीं, बल्कि दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरकर उस शुरुआती उत्साह को लंबे बॉक्स ऑफिस रन में बदलना है।
‘टॉक्सिक’ के पहले दिन की संभावित रिकॉर्ड दौड़ में एडवांस बुकिंग सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक होगी। आज के समय में दर्शक फिल्म देखने से पहले ही ऑनलाइन टिकट बुक कर लेते हैं, जिससे रिलीज से पहले फिल्म की मांग का अनुमान लगाया जा सकता है। बड़े सितारों की फिल्मों में फैन क्लब और सोशल मीडिया प्रचार भी एडवांस बुकिंग को प्रभावित करते हैं। यदि रिलीज से पहले बड़ी संख्या में शो तेजी से भरते हैं, तो सिनेमाघर अतिरिक्त शो जोड़ सकते हैं और इससे शुरुआती कलेक्शन को बढ़ावा मिलता है। ‘टॉक्सिक’ के साथ भी यही स्थिति देखने को मिलती है या नहीं, इस पर ट्रेड की नजर रहेगी। इसके अलावा हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाओं में फिल्म का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा। यश की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उनकी पहचान अब एक क्षेत्रीय अभिनेता तक सीमित नहीं है। ‘केजीएफ’ की सफलता ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बनाया है। इसलिए ‘टॉक्सिक’ का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन भी अखिल भारतीय स्तर पर मापा जाएगा। विदेशी बाजार में भी भारतीय फिल्मों के लिए दर्शक आधार लगातार बढ़ा है और यश की पिछली फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वर्ल्डवाइड ओपनिंग भी फिल्म के रिकॉर्ड की चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि भारत के साथ विदेशों में भी मजबूत शुरुआत मिलती है तो फिल्म का शुरुआती वैश्विक आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में अलग-अलग स्रोतों के बीच अंतर हो सकता है। सकल और शुद्ध कमाई, भारत और विदेश के आंकड़े तथा भाषा-वार कलेक्शन को अलग-अलग तरीके से रिपोर्ट किया जाता है। इसलिए किसी रिकॉर्ड की तुलना करते समय आधिकारिक या विश्वसनीय ट्रेड आंकड़ों को प्राथमिकता देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले शुरुआती आंकड़ों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। ‘टॉक्सिक’ के मामले में भी रिलीज के बाद आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना महत्वपूर्ण रहेगा। फिल्म यदि पहले दिन बड़ी ओपनिंग करती है तो उसके बाद शनिवार-रविवार और शुरुआती सप्ताह की कमाई पर भी नजर रहेगी। क्योंकि एक रिकॉर्ड ओपनिंग अपने आप में फिल्म की अंतिम सफलता की गारंटी नहीं होती। वास्तविक सफलता यह होगी कि फिल्म पहले दिन की भीड़ को दूसरे सप्ताह तक दर्शकों में बदल पाए।
यश की ‘टॉक्सिक’ की रिलीज भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए एक बड़े मुकाबले की तरह देखी जा रही है। फिल्म के प्रति उत्साह, यश का स्टारडम, ‘केजीएफ’ की विरासत, मजबूत स्टार कास्ट और बड़े पैमाने पर तैयार किया गया एक्शन संसार इसे खास बनाते हैं। ‘धुरंधर’ सहित बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्मों के रिकॉर्ड को चुनौती देने की चर्चा ने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। हालांकि रिकॉर्ड टूटेगा या नहीं, इसका फैसला केवल प्रचार या एडवांस बुकिंग से नहीं बल्कि वास्तविक टिकट बिक्री और रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया से होगा। यश के लिए यह फिल्म इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘केजीएफ’ के बाद उनके सामने अपनी अगली फिल्म से उम्मीदों के स्तर को बनाए रखने की चुनौती है। दर्शक उन्हें केवल एक्शन स्टार के रूप में नहीं, बल्कि अखिल भारतीय सिनेमा के बड़े चेहरे के रूप में देखते हैं। ऐसे में ‘टॉक्सिक’ की सफलता उनके करियर के अगले चरण को भी प्रभावित कर सकती है। फिल्म की कहानी कितनी मजबूत है, यश का किरदार दर्शकों को कितना पसंद आता है, सहायक कलाकारों को कितना प्रभावी स्थान मिलता है और निर्देशक गीतू मोहनदास अपनी कल्पना को पर्दे पर किस स्तर तक उतार पाती हैं—इन सभी सवालों का जवाब रिलीज के बाद मिलेगा। बॉक्स ऑफिस की दृष्टि से पहले दिन की कमाई निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होगी, लेकिन असली परीक्षा वीकेंड और पहले सप्ताह के प्रदर्शन में होगी। यदि दर्शकों को फिल्म पसंद आती है तो शुरुआती रिकॉर्ड के बाद भी मजबूत कमाई जारी रह सकती है। वहीं यदि प्रतिक्रिया कमजोर रहती है तो बड़ी ओपनिंग के बावजूद फिल्म के लंबे सफर पर असर पड़ सकता है। फिलहाल ‘टॉक्सिक’ को लेकर माहौल पूरी तरह यश के पक्ष में दिखाई दे रहा है और बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन बड़े आंकड़े की उम्मीद की जा रही है। अब निगाहें टिकट खिड़की पर हैं कि क्या रॉकी भाई के बाद यश का नया अवतार भारतीय बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड कायम करता है और ‘धुरंधर’ समेत बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों को पीछे छोड़ पाता है। इसका अंतिम जवाब फिल्म के वास्तविक कलेक्शन सामने आने के बाद ही मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि ‘टॉक्सिक’ की रिलीज बॉक्स ऑफिस के लिहाज से इस साल की सबसे ज्यादा नजर रखी जाने वाली घटनाओं में शामिल है।
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