
हम हर दिन अपने मोबाइल फोन या लैंडलाइन का इस्तेमाल करते हैं, नंबर डायल करते हैं और कभी-कभी ‘*’ और ‘#’ बटन दबाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये दो बटन क्यों दिए जाते हैं और इनका असली काम क्या है? अधिकांश लोग इन्हें रोज इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनके पीछे की तकनीकी वजह और इतिहास को जानने वाले बहुत कम हैं।
डायलर पैड का इतिहास
फोन डायलिंग सिस्टम का इतिहास 20वीं सदी के शुरुआत में शुरू हुआ। सबसे पहले फोन में रोटरी डायल (rotary dial) होते थे, जहां नंबर डायल करने के लिए रोटरी को घुमाना पड़ता था।
जब टोनल फोन (DTMF – Dual Tone Multi Frequency) आया, तब नंबर के अलावा कुछ अतिरिक्त बटन की जरूरत पड़ी। इसलिए ‘*’ और ‘#’ बटन डायलर पैड पर शामिल किए गए।
DTMF तकनीक और बटन का महत्व
DTMF तकनीक में हर बटन दबाने पर दो अलग-अलग फ़्रीक्वेंसी की ध्वनि उत्पन्न होती है। ये सिग्नल दूरस्थ टेलीफोन एक्सचेंज तक जाते हैं और वहां कंप्यूटर या सिस्टम इसे पहचानकर प्रक्रिया करता है।
- ‘*’ और ‘#’ को “star” और “pound/hash” कहा जाता है।
- इन बटनों का इस्तेमाल सिस्टम कमांड देने, मेनू नेविगेशन, और सेवा सक्रिय/निष्क्रिय करने के लिए होता है।
उदाहरण:
- बैंक IVR में “*” दबाने से पिछली मेनू पर लौट सकते हैं।
- किसी सर्विस को सब्सक्राइब या अनसब्सक्राइब करने के लिए “#” का उपयोग किया जाता है।
रोजमर्रा के उदाहरण
हम रोजाना इन बटनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इसका तकनीकी महत्व नहीं जानते। कुछ सामान्य उपयोग हैं:
- मोबाइल रिचार्ज या बैलेंस चेक: *123# या *111# जैसे कोड।
- IVR सिस्टम में नेविगेशन: कॉल सेंटर में ऑप्शन चुनना।
- स्पेशल सर्विस एक्टिवेशन: जैसे कॉल फॉरवर्डिंग या डाटा पैक।
- सुरक्षा और पासकोड: कुछ डिवाइस में ‘#’ दबाकर सुरक्षित मोड सक्रिय करना।
क्यों नहीं सिर्फ नंबर ही इस्तेमाल किए गए?
सिर्फ 0-9 नंबर ही पर्याप्त क्यों नहीं थे?
- तकनीकी कारण: सिस्टम को कमांड और नंबर अलग करने की जरूरत थी।
- DTMF सिस्टम में नंबर के अलावा अतिरिक्त संकेत देने के लिए ‘*’ और ‘#’ जरूरी थे।
- यह बटन कंप्यूटर और सर्विस सिस्टम को यह बताते हैं कि अब नंबर डायल खत्म हुआ या विशेष कमांड दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय और आधुनिक उपयोग
- अंतरराष्ट्रीय फोन सिस्टम में भी ‘*’ और ‘#’ का इस्तेमाल मानक है।
- आधुनिक स्मार्टफोन और VoIP सिस्टम में भी ये बटन डिजिटल कमांड के लिए काम आते हैं।
- यह बटन कभी-कभी सपोर्ट और सर्विस मेन्यू में एक्सेस करने के लिए भी जरूरी हैं।
दिलचस्प तथ्य
- ‘*’ और ‘#’ को कभी-कभी “function keys” भी कहा जाता है।
- ये बटन 1960 के दशक में DTMF तकनीक के आने के बाद डायलर पैड का हिस्सा बने।
- कई देशों में ‘#’ को pound और ‘*’ को star के नाम से जाना जाता है।
- आज भी बैंकिंग, मोबाइल, और इंटरनेट टेलीफोनी में इन बटनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
तो अगली बार जब आप अपने फोन के डायलर पैड पर ‘*’ और ‘#’ दबाएं, तो जान लें कि ये सिर्फ बटन नहीं हैं, बल्कि टेलीफोन सिस्टम के कमांड और सुविधा का हिस्सा हैं। ये बटन हमें सिर्फ नंबर डायल करने से कहीं अधिक सुविधा देते हैं, जैसे:
- IVR में आसानी से विकल्प चुनना
- सर्विस एक्टिवेशन/डिएक्टिवेशन
- बैलेंस चेक और रिचार्ज
असल में, ये बटन आपके फोन को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने वाले छोटे लेकिन महत्वपूर्ण औजार हैं।








