
नई दिल्ली। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी चेतना की मशाल जलाने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानी और गदर आंदोलन के प्रेरणास्रोत Lala Har Dayal की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रवादी संगठनों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की स्वतंत्रता के लिए उनके अद्वितीय त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लाला हरदयाल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे जिन्होंने युवाओं के मन में स्वतंत्रता की प्रबल इच्छा और स्वाभिमान की भावना जागृत की। उन्होंने न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी संगठित कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया। उनके विचारों और कार्यों ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और युवाओं के मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा पैदा की।
वक्ताओं ने कहा कि लाला हरदयाल का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने युवाओं में स्वाभिमान, संगठन और बलिदान की जो ज्योति प्रज्वलित की, वह आज भी देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में मार्गदर्शक बनी हुई है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर देश के अनेक युवाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और भारत को स्वतंत्र कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
ज्ञात हो कि लाला हरदयाल का नाम भारत के क्रांतिकारी आंदोलन के इतिहास में अत्यंत सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। उन्होंने विदेशों में रहकर भारतीयों को संगठित किया और अंग्रेजी शासन के खिलाफ व्यापक जनजागरण का अभियान चलाया। विशेष रूप से अमेरिका में स्थापित Ghadar Party के माध्यम से उन्होंने भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित किया और क्रांतिकारी विचारधारा को नई ऊर्जा प्रदान की।
इतिहासकारों के अनुसार गदर पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस संगठन के माध्यम से अनेक क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और भारत की स्वतंत्रता के लिए आंदोलन को गति प्रदान की। लाला हरदयाल का यह प्रयास उस समय बेहद साहसिक और प्रेरणादायक माना जाता था।
पुण्यतिथि के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लाला हरदयाल का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने अपने ज्ञान, विचार और संगठन क्षमता का उपयोग देश की स्वतंत्रता के लिए किया और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। उनके आदर्श बताते हैं कि सच्ची देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं बल्कि कर्मों में दिखाई देती है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज जब देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, तब लाला हरदयाल जैसे महान क्रांतिकारियों के विचार हमें यह याद दिलाते हैं कि स्वतंत्रता हमें आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए असंख्य बलिदानों की लंबी श्रृंखला रही है। इसलिए देश की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
इस अवसर पर लोगों ने यह भी कहा कि लाला हरदयाल का राष्ट्रप्रेम, आत्मबल और समर्पण आज भी मां भारती की सेवा के पथ को आलोकित कर रहा है। उनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि देश और समाज के लिए कार्य करते समय कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लाला हरदयाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवित रखना और नई पीढ़ी को उनके योगदान से अवगत कराना हमारा नैतिक दायित्व है।
पुण्यतिथि के इस अवसर पर लोगों ने एक स्वर में कहा कि लाला हरदयाल का जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम की अमूल्य धरोहर है और उनका त्याग तथा बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। 🇮🇳🙏









