
आप सभी को International Women’s Day की हार्दिक शुभकामनाएँ। नारी के अनेक रूप हैं – माँ, बहन, बेटी, पत्नी और गुरु। इन सभी रूपों में नारी जीवन को प्रेम, त्याग और ममता से भर देती है। इन सबमें माँ का स्थान सबसे ऊँचा माना गया है। उसी माँ को समर्पित यह छोटी-सी कविता प्रस्तुत है।
माँ (कविता)
ममता आशीष का सागर, तेरे आँचल की छाया,
तेरा अमृत रस मैं पीकर, माँ धरती पर मैं आया।
तेरे चरणों पर न्यौछावर, रब पूरी तेरी खुदाई,
माई — माई — माई — माई।
किसने भगवान को देखा, पूजा करते सब भाई,
जीती-जागती तू माता, प्रभु की जैसे परछाई।
तेरा हाथ पकड़ के दौड़ा, घर की सारी अंगनाई,
माई — माई — माई — माई।
तूने अपने लहू से सींचा, मेरे जीवन का उपवन,
झेले तूने कष्ट अनेक, तब देखा मैंने मधुबन।
तेरी मीठी लोरी सुनकर ही आँखों में नींद आई,
माई — माई — माई — माई।
मैं था मूक अबोध बिचारा, माँ तूने मुझे सँवारा,
मेरा तनिक कष्ट भी माता, तुझको नहीं था गवारा।
तूने जग राते काटीं, हिचकी भी मुझे जो आई,
माई — माई — माई — माई।
तू भूख में बनी निवाला, आँचल में मुझको पाला,
चंदा मामा की लोरी में मेरा यह जीवन निखारा।
मेरे अबोध मन की हर बात तुझे ही समझ में आई,
माई — माई — माई — माई।
तेरा आँचल बना बिछौना, वही बन गया रजाई,
कभी बनी तू मेरा पंखा, कभी मुँह की करी सफाई।
तू थर्मामीटर बनी मेरी, तू ही बन गई दवाई,
माई — माई — माई — माई।
सुख की अद्भुत छाया तू, दुख के सूखे जंगल में,
तेरी ममता से ही रोशन जीवन के हर आँगन में।
माँ का महत्व
माँ दुनिया की किसी भी भाषा का सबसे मुलायम और सबसे सुंदर शब्द है।
हमारा पहला स्पर्श माँ का होता है, पहली गोद माँ की होती है, और पहला शब्द भी अक्सर “माँ” ही होता है।
कहा जाता है कि ईश्वर हर जगह उपस्थित नहीं रह सकता, इसलिए उसने हर घर में अपने रूप में माँ को भेज दिया। माँ की गोद में हमें सुरक्षा, स्नेह और अपनापन मिलता है।
जीवन में आगे बढ़ते हुए हम कई रिश्तों में उसी निस्वार्थ प्रेम की तलाश करते हैं – बहनों में, मित्रों में, पत्नी में, बेटियों में – लेकिन माँ जैसा प्रेम कहीं और मिलना कठिन होता है।
जो लोग अपनी माँ के साथ हैं, वे सचमुच भाग्यशाली हैं। और जो लोग माँ को खो देते हैं, वे अक्सर बाद में समझते हैं कि उन्होंने जीवन का कितना बड़ा सहारा खो दिया।
एक भावपूर्ण पंक्ति
तेरी आगोश से निकले तो उम्र भर भटके,
अब भी रोते हैं मगर दर्द किसे होता है।
नारी के विभिन्न रूप
एक पुरुष के जीवन में नारी हर चरण में साथ रहती है—
- जन्म के समय – माँ हमें दुनिया में लाती है।
- बचपन में – बहन हमारा साथ निभाती है।
- शिक्षा में – शिक्षिका हमें ज्ञान देती है।
- जीवनसाथी के रूप में – पत्नी जीवन की साथी बनती है।
- आगे चलकर – बेटी हमारे जीवन में प्रेम और कोमलता लाती है।
- अंत में – मातृभूमि हमें अपने आँचल में समा लेती है।
इसलिए हर पुरुष को जीवन की हर महिला का सम्मान करना चाहिए।
नारी सम्मान का संदेश
औरत में माँ का रूप इतना बेमिसाल है,
कुदरत में इसकी दूसरी नहीं मिसाल है।
वो प्यार, भावना, त्याग और क्षमा,
जिसके पास माँ है, वह सचमुच मालामाल है।
माँ का रुतबा इतना ऊँचा है कि
कई बार उसका स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना जाता है।
महिला दिवस का संदेश
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि—
- महिलाओं का सम्मान करें
- उन्हें समान अवसर दें
- उनके अधिकारों को समझें
- उनके सपनों को पूरा करने में सहयोग दें
केवल सम्मान, सहयोग और अवसर ही महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त शक्ति देते हैं।
सभी माताओं, बहनों, बेटियों और महिलाओं को समर्पित।
— जितेंद्र मणि









