
दतिया। Datia में प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मंगलवार 31 मार्च 2026 को आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से नरवाई प्रबंधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित जल समस्याओं, नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरणों की स्थिति पर गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये सभी विषय सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़े हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर किया जाए और प्रत्येक मामले में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखी जाए।कलेक्टर वानखड़े ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि कोई भी प्रकरण समय-सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए और यदि ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इस अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण और प्रबंधन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इसमें सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री, जनगणना कार्यों की प्रगति, अटल बीमा योजना के प्रकरण, पट्टा सर्वे कार्य और सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की।
सीएम हेल्पलाइन के मामलों को लेकर कलेक्टर ने विशेष रूप से गंभीरता दिखाई और निर्देश दिए कि इन प्रकरणों का समय-सीमा में संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाते हैं। ऐसे में इन शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके और नागरिकों को अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया श्री अक्षयर कुमार तेम्रवाल, अपर कलेक्टर श्री महेन्द्र सिंह कवचे, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती श्रृति अग्रवाल, श्री लोकेन्द्र सिंह सरल सहित जिले के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। समग्र रूप से यह बैठक प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Datia में आयोजित इस बैठक के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के सख्त निर्देशों के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी और आमजन को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।









