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Bureau Report
हम अन्न जो देते हैं, वो होते हैं किसान,
मेहनत वो करते हैं, सहते हर तूफ़ान।
हाथों में छाले होते, फिर भी रहते महान,
धरती के सच्चे देव हैं, हमारे किसान।
धूप हो या बारिश हो, करते रहते काम,
सबके घर में भर देते खुशियों का सामान।
उनकी मेहनत से ही मिलता हमको अन्न महान,
देश की शान और पहचान हैं किसान।
उनकी मेहनत का सदा करना हमें सम्मान,
क्योंकि उनके बिना सूना पड़ जाए जहान।
दिन-रात मेहनत करके देते सबको प्राण,
धरती माँ के सच्चे पुत्र हैं किसान।
अनुश्री मिश्रा









