
खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम बमनगांव आखई ने गुरुवार को ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल का साक्षी बनकर प्रदेश में नई मिसाल कायम की। यहां प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जीरामजी” योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह उत्साह और जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में योजना का शुभारंभ करते हुए इसे गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए “वरदान” बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने, पलायन रोकने और गांवों में स्थायी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तन्वे, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, विधायक प्रतिनिधि श्री मुकेश तन्वे, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह तोमर, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष श्री हरीश कोटवाले, श्री सेवादास पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
100 नहीं, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार
मुख्य अतिथि डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण मजदूरों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रोजगार गारंटी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया है। उन्होंने बताया कि अब पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। इससे मजदूरों की आय बढ़ेगी, आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है। वीबी-जीरामजी योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें रोजगार के साथ आजीविका संवर्धन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
मंत्री डॉ. विजय शाह ने योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई मजदूर नियमानुसार काम की मांग करता है और उसे निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो सरकार उसे बेरोजगारी भत्ता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार का अधिकार वास्तविक रूप से कानूनी अधिकार बन जाएगा और मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि पहले कई बार मजदूरी भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आती थीं। अब यदि मजदूरी भुगतान समय पर नहीं होगा, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूर को उसकी मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
अधिक बजट, अधिक विकास
डॉ. विजय शाह ने कहा कि नई योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। अतिरिक्त बजट मिलने से गांवों में जल संरक्षण, सड़क निर्माण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के विकास, कृषि आधारित कार्यों तथा अन्य विकास गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार हों जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हों।
प्रधानमंत्री की योजनाओं का उल्लेख
अपने संबोधन में मंत्री डॉ. विजय शाह ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा बढ़ी है। उज्ज्वला योजना ने गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया है। इसके अलावा मध्याह्न भोजन योजना, निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण तथा साइकिल वितरण जैसी योजनाओं ने गरीब बच्चों की शिक्षा को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज गरीब परिवारों के बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश और विदेश में अपना भविष्य बना रहे हैं।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताईं नई योजना की खूबियां
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना रोजगार गारंटी व्यवस्था का उन्नत स्वरूप है। उन्होंने बताया कि पहले जिन कार्यों को रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया जा सकता था, अब उन्हें भी इस योजना में सम्मिलित किया गया है। इसके अंतर्गत भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल तथा अन्य स्थायी निर्माण कार्य कराए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा और स्थानीय मजदूरों को अपने गांव में ही अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।

पलायन पर लगेगी रोक
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण पहले ग्रामीणों को अपने गांव छोड़कर अन्य शहरों और राज्यों में मजदूरी करने जाना पड़ता था। इससे परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक दोनों प्रकार का प्रभाव पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलने से ग्रामीणों को गांव छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पंधाना विधायक छाया मोरे ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए सभी से अपने घर या खेत के आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से नीम का पौधा लगाने का आग्रह किया।
महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी
खंडवा विधायक कंचन तन्वे ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, लाड़ली बहना योजना तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना में भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। इससे महिलाओं को रोजगार, आय और नेतृत्व के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण
महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था लागू होने से हितग्राहियों के खाते में सीधे राशि पहुंच रही है। इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हुई है। उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना भी पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होगी, जिससे प्रत्येक पात्र मजदूर को समय पर लाभ मिलेगा।
जिला भाजपा अध्यक्ष ने बताई योजना की विशेषताएं
जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्य को वर्ष में 125 दिनों तक मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना में जल संरक्षण, खेत सुधार, तालाब निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण विकास की नई इबारत लिखने का प्रयास है।
पौधारोपण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री डॉ. विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
ग्रामीण विकास की नई दिशा
बमनगांव आखई से प्रारंभ हुई “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जीरामजी” योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, बेरोजगारी भत्ता, विलंबित भुगतान पर मुआवजा, अधिक बजट, महिलाओं की भागीदारी, जल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना निर्माण जैसे प्रावधान इस योजना को पूर्ववर्ती व्यवस्था से अधिक प्रभावी बनाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो इससे रोजगार, आय, आजीविका और गांवों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी तथा आत्मनिर्भर और विकसित ग्रामीण भारत के निर्माण का लक्ष्य और अधिक सशक्त होगा।









