
जबलपुर। स्मार्ट सिटी जबलपुर के अंतर्गत संचालित CITIIS 2.0 परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज स्मार्ट सिटी कार्यालय में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सहभागी संस्थाओं से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
बैठक के दौरान उपस्थित NGO प्रतिनिधियों ने CITIIS 2.0 परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए तथा परियोजना के बेहतर संचालन, सामुदायिक सहभागिता, जनजागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समावेशन और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके व्यावहारिक और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि CITIIS 2.0 परियोजना का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विकास करना नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से एक समावेशी, टिकाऊ और आधुनिक शहरी व्यवस्था विकसित करना है। इस दिशा में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाकर योजनाओं को सफल बनाने में प्रभावी योगदान दे सकती हैं।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि परियोजना के प्रत्येक चरण में जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा स्थानीय आवश्यकताओं और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। साथ ही नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने NGO प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझाव परियोजना को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सहभागी संस्थाओं ने भी भविष्य में स्मार्ट सिटी जबलपुर के साथ समन्वय बनाकर शहर के सतत एवं समावेशी विकास के लिए सक्रिय सहयोग देने का विश्वास व्यक्त किया।
स्मार्ट सिटी जबलपुर द्वारा आयोजित यह बैठक CITIIS 2.0 परियोजना के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे शासन, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा शहर को स्वच्छ, हरित, समावेशी और नागरिक हितैषी बनाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।









