
भोपाल। प्रदेश में नर्मदा नदी के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान नर्मदा समग्र अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में नर्मदा नदी के संरक्षण, स्वच्छता, जल संवर्धन, तटीय क्षेत्रों के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों से वर्तमान प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में निर्देश दिए गए कि नर्मदा नदी के संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही जल संरक्षण, पौधारोपण, घाटों के विकास, प्रदूषण नियंत्रण तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, ताकि नर्मदा नदी के संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल सके।

समीक्षा के दौरान इस बात पर भी बल दिया गया कि विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और नर्मदा समग्र अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे तथा प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नर्मदा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने, स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नर्मदा समग्र अभियान के तहत संचालित सभी गतिविधियों की सतत समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा का संरक्षण एवं संवर्धन और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।









