
सीधी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM]” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में सीधी जिले के मानस भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मिशन की रूपरेखा, उद्देश्य और इसके माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का आधार मजबूत और आत्मनिर्भर गांव हैं। जब गांव आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, तब देश भी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया VB-G RAM मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आधारभूत विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का व्यापक अभियान है।
125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी
कार्यक्रम में बताया गया कि VB-G RAM मिशन के अंतर्गत पात्र ग्रामीण श्रमिकों को अब वर्ष में 125 दिनों तक सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रावधान ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। पहले जहां सीमित अवधि तक रोजगार उपलब्ध हो पाता था, वहीं अब अतिरिक्त रोजगार मिलने से मजदूरों की आय में वृद्धि होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों या राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। गांव में ही पर्याप्त रोजगार उपलब्ध होने से परिवार एकजुट रहेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
समय पर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि मिशन के तहत श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और मजदूरों को उनका मेहनताना समय पर प्राप्त होगा।
वक्ताओं ने कहा कि समय पर भुगतान से श्रमिकों का सरकार पर विश्वास और मजबूत होगा तथा वे बिना किसी आर्थिक अनिश्चितता के अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेंगे।
कृषि कार्यों के लिए अतिरिक्त रोजगार
VB-G RAM मिशन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि ग्रामीण श्रमिकों को कृषि से जुड़े कार्यों में भी अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों और मजदूरों दोनों को लाभ मिलेगा। कृषि कार्यों में श्रमिकों की भागीदारी बढ़ने से खेती-किसानी को गति मिलेगी तथा कृषि उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही जल संरक्षण, खेत विकास, मेड़बंदी, सिंचाई संरचनाओं का निर्माण, तालाबों का संरक्षण, वृक्षारोपण तथा ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
कार्यक्रम में कहा गया कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांवों में रोजगार बढ़ने से स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से पलायन में कमी आएगी और गांवों में सामाजिक एवं आर्थिक संतुलन बना रहेगा। इससे आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम
वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। VB-G RAM मिशन भी इसी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, गरीबी कम करना तथा प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव विकसित होंगे, ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। यह मिशन उसी दिशा में एक मजबूत पहल है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया परिवर्तनकारी योजना
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि VB-G RAM मिशन ग्रामीण विकास के क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योजना के माध्यम से रोजगार, कृषि, जल संरक्षण, आधारभूत संरचना निर्माण तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ लें तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
जनभागीदारी पर विशेष बल
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि किसी भी योजना की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और आम नागरिकों को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
ग्रामीणों से विकास कार्यों की निगरानी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण में सहयोग करने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि मिशन का संचालन पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किया जाएगा।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित
मानस भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह परिहार, कुसमी जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामवती सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री इंद्रशरण सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रदीप शुक्ला, श्री पंकज पाण्डेय, श्री मुनिराज विश्वकर्मा, श्री अर्जुन सिंह, श्रीमती महिमा तिवारी, श्रीमती निशा सिंह, विभिन्न पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद
कार्यक्रम के समापन पर कहा गया कि VB-G RAM (विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन) ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार, समय पर भुगतान, कृषि कार्यों के लिए अतिरिक्त रोजगार, श्रमिकों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान इस योजना को विशेष बनाते हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, युवाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह मिशन एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का विश्वास है कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण के साथ विकसित भारत का लक्ष्य और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ेगा।









