
नई दिल्ली/आंध्र प्रदेश। ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “विकसित भारत जी-राम जी योजना” का राष्ट्रीय शुभारंभ आंध्र प्रदेश से किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण की उपस्थिति में योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना को ग्रामीण भारत के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और स्थायी विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के वित्तीय स्वरूप पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम जी योजना के पहले ही वर्ष में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहेगी। वहीं राज्यों की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को जोड़ने पर इस योजना का कुल वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अब तक की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका आधारित पहलों में से एक होगी, जिससे देशभर के करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस योजना के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि देश की 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को औसतन प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा। इस निवेश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण तेजी से किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण विकास को नई गति देना है। इसके तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि आधारित गतिविधियों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आजीविका संवर्धन तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब प्रत्येक पंचायत आर्थिक रूप से सशक्त होगी, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत जी-राम जी योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि विकसित भारत जी-राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत में रोजगार के स्थायी अवसर बढ़ेंगे, पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे तथा गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में भी विकास की मजबूत आधारशिला बनेंगी। यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल के रूप में देखी जा रही है।









