
पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित खनन और खनिज संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
खनन उद्योग केवल खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक समय में पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक सुरक्षा, वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित दोहन की जिम्मेदारी भी उसके साथ जुड़ी हुई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले “माइंस एनवायरमेंट एंड मिनरल कंजर्वेशन वीक (MEMCW)” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खदानों, संस्थानों तथा प्रबंधन समूहों को सम्मानित किया जाता है।
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2011-12 एवं 2012-13 के दौरान जबलपुर क्षेत्र में आयोजित माइंस एनवायरमेंट एंड मिनरल कंजर्वेशन वीक परिषद के कार्यक्रम में शीला सागर मिनरल, भवारताल डोलोमाइट माइंस को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर संस्था की ओर से पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित खनन, खदान प्रबंधन तथा संसाधनों के संरक्षण संबंधी उल्लेखनीय प्रयासों को सराहा गया।
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय खान ब्यूरो (IBM) के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की खदानों ने भाग लिया। समारोह में पर्यावरण प्रबंधन, खदान सुरक्षा, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, पुनर्वास तथा खनिज संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार परिषद के अंतिम दिवस समारोह के लिए औपचारिक निमंत्रण जारी किया गया था, जिसमें खनन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों एवं संस्थानों को आमंत्रित किया गया। समारोह में विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सम्मान प्राप्त करने वालों ने इसे अपनी संस्था, कर्मचारियों तथा तकनीकी दल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उनका कहना था कि सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन ही उद्योग का भविष्य है और इसी दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक खनन केवल उत्पादन का विषय नहीं रह गया है। अब प्रत्येक परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, जैव विविधता संरक्षण, वर्षा जल संचयन, खदान बंदी योजना, पुनर्वनीकरण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे पहलुओं को समान महत्व दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि खनन उद्योग स्थानीय रोजगार, आधारभूत संरचना और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि वैज्ञानिक मानकों का पालन करते हुए खनन किया जाए तो पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास दोनों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
समारोह में पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने इसे भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि उद्योग, प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
खनिज संरक्षण सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं, निरीक्षणों तथा मूल्यांकन के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों का चयन किया गया। निर्णायक मंडल ने सुरक्षा मानकों, पर्यावरणीय उपायों, तकनीकी नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे अनेक मापदंडों पर मूल्यांकन किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम उद्योगों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं तथा पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना मजबूत करते हैं। इससे नई तकनीकों के उपयोग और सतत विकास के सिद्धांतों को भी बढ़ावा मिलता है।
आज जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक चिंता का विषय हैं, ऐसे समय में खनन क्षेत्र की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। माइंस एनवायरमेंट एंड मिनरल कंजर्वेशन वीक जैसे आयोजन उद्योगों को पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वालों को राष्ट्रीय पहचान भी प्रदान करते हैं।









