
लालघाटी स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का किया स्मरण
भोपाल, दैनिक समाचार।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान का स्मरण किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, जनसंगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी उपस्थित होकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को याद किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीति और शिक्षा जगत के प्रमुख व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया तथा राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर अपनी स्पष्ट और दूरदर्शी सोच के लिए विशेष पहचान बनाई। उनके विचारों और कार्यों ने देश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को नई दिशा प्रदान की।
जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम, विचार गोष्ठियां और वृक्षारोपण जैसे जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थानों ने भी उनके जीवन और योगदान पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन कर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का व्यक्तित्व भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। उनके विचार आज भी सार्वजनिक जीवन में प्रेरणा प्रदान करते हैं।









