
औद्योगिक निवेश, रोजगार, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर होगा मंथन; नवा रायपुर में विधायक दल की बैठक में संगठनात्मक एवं विकास संबंधी मुद्दों पर होगी चर्चा
रायपुर, 7 जुलाई 2026। प्रदेश के समग्र विकास, औद्योगिक प्रगति, निवेश संवर्धन तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज (वाणिज्य एवं उद्योग) विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में दोनों विभागों की प्रमुख योजनाओं, परियोजनाओं, बजट प्रगति, निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक अधोसंरचना, रोजगार सृजन तथा मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान नए निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप एवं नवाचार को बढ़ावा देने, निर्यात संवर्धन तथा व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में किए जा रहे कार्यों का आकलन करेंगे। साथ ही उद्योगों की स्थापना में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तथा निवेश प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा की जाएगी।
बैठक में प्रदेश में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास, औद्योगिक पार्कों की स्थिति, भूमि आवंटन, बिजली, सड़क, जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा उद्योगों को समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान करने के विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री अधिकारियों को निर्देश दे सकते हैं कि निवेशकों का विश्वास मजबूत करने तथा प्रदेश को औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के उद्देश्य से सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मानसून के मद्देनजर प्रदेश में संभावित बाढ़, जलभराव, आकाशीय बिजली, तेज वर्षा, भूस्खलन, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत एवं बचाव दलों की उपलब्धता, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, आपातकालीन संचार व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
बैठक में यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं तथा प्रभावित नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचे। जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, विद्युत विभाग, जल संसाधन विभाग, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल सहित सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। साथ ही आपदा संभावित क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने तथा नागरिकों को समय-समय पर जागरूक करने पर भी बल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री दोनों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वास्तविक प्रगति, बजट उपयोग, लंबित परियोजनाओं एवं भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त करेंगे। जनहित से जुड़े कार्यों में गति लाने, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने तथा समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करना है।
विभागीय समीक्षा बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विधायक दल की बैठक में भी शामिल होंगे। इस बैठक में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विकास कार्यों की प्रगति, आगामी विधानसभा गतिविधियों तथा संगठनात्मक विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों, जनसमस्याओं एवं स्थानीय आवश्यकताओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।
बैठक में प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं, जनता तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच, सुशासन, पारदर्शिता तथा विकास की गति को बनाए रखने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधियों से जनता के साथ सतत संवाद बनाए रखने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार का निरंतर प्रयास है कि औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना, आपदा प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संतुलित और प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जाए। महानदी भवन में आयोजित होने वाली विभागीय समीक्षा तथा मुख्यमंत्री निवास में विधायक दल की बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत पहल के रूप में देखा जा रहा है। इन बैठकों से विकास कार्यों में तेजी आने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।









