
भोपाल। प्रदेश में नागरिकों को सरल, सुगम और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों, विशेषकर किसानों को भूमि संबंधी सेवाएं समयबद्ध और बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराना है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता लाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए राजस्व सेवाओं को अधिक सरल बनाया जाए, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से समय की बचत होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया भी अधिक सुचारु एवं विश्वसनीय बनेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्व प्रशासन को पूरी तरह नागरिक-केंद्रित बनाना है। भूमि से जुड़े मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अभिलेख, खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि तथा अन्य राजस्व सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं के विस्तार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण तथा शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना कृषि विकास के लिए भी आवश्यक है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से किसानों को आवश्यक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होंगे, जिससे उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं, बैंक ऋण, फसल बीमा तथा अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आने पाए और ग्रामीण क्षेत्रों में भी नागरिकों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सेवा वितरण प्रणाली को इतना सरल बनाया जाए कि आम नागरिक बिना किसी मध्यस्थ के स्वयं भी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके।
बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्रशासन की मूल भावना बताते हुए कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों का जीवन आसान बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और प्रत्येक राजस्व प्रकरण का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से प्रदेश में राजस्व सेवाएं पहले से अधिक सरल, तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और प्रदेशवासियों को भूमि संबंधी सभी सेवाएं बिना किसी अनावश्यक परेशानी के उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा भविष्य में भी सुशासन और डिजिटल नवाचार के माध्यम से नागरिक सुविधाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।









