
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के समग्र एवं सतत विकास को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, निवेश को बढ़ावा, रोजगार के अवसरों का सृजन तथा सुशासन को और अधिक मजबूत बनाना है। राज्य सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी और समाज के प्रत्येक वर्ग को इसका लाभ प्राप्त होगा।
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं नागरिक केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को स्वीकृति देना रहा। इस योजना के अंतर्गत स्वामित्व योजना के तहत जारी संपत्ति अधिकार अभिलेखों के पंजीयन पर स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क में राहत प्रदान की जाएगी। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का कानूनी संरक्षण मिलेगा तथा बैंक ऋण, स्वरोजगार और अन्य वित्तीय सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की। सरकार का उद्देश्य जिला अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना, चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना तथा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।
प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से उद्योगों के विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक में किसानों के हितों, कृषि विकास तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी गंभीरता से विचार किया गया। सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को भी विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
बैठक में डिजिटल सुशासन, ई-गवर्नेंस तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। नागरिकों को सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, त्वरित और सरल तरीके से उपलब्ध कराने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करना है। इसके लिए विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, आधारभूत संरचना को मजबूत करना, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग के जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को कैबिनेट के निर्णयों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए ये निर्णय प्रदेश में विकास की गति को और तेज करेंगे। ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, निवेश, रोजगार तथा सुशासन से जुड़े इन फैसलों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आमजन के जीवन पर दिखाई देगा। सरकार का विश्वास है कि इन निर्णयों से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य बनने की दिशा में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।









